video @ ...‘तनावग्रस्त शहर’ इन्तजार है कि कोई मन्नती आएगा

Mohan Lal Kumawat

Publish: Mar, 17 2019 06:46:56 PM (IST)

Tonk, Tonk, Rajasthan, India

टोंक. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं जनसरोकार मंच की ओर से आयोजित इनसे मिलिए कार्यक्रम में रविवार को डॉ. मनू शर्मा की प्रकाशित पुस्तक ‘तनावग्रस्त शहर’ का काव्य पाठ और विमर्श का आयोजन किया गया।

 

मनू शर्मा ने कुछ कविताएं पढकऱ सुनाई। इसमें कहा कि रात में नारे नींद के परकोटे में करते रहे पथराव सांंसों की सडक़ों पर आशंकाओं की भीड़ भागती रही।

 

उन्होंने शहर के माध्यम से टोंक दुर्दशा और व्यवस्थाओं की ओर उपेक्षा का खाखा कविता ‘शहर बजबजाती तंग गलियों में तेन्दू की पत्तों की कतरन सा उड़ता हुआ यह शहर अक्सर खांसता है।

 

रहकर मजार में सोए किसी पीर सा इन्तजार में हैं कोई मन्नती आएगा। एक दिन झाड़ बुहार की जाएगी। आस-पास फैली गर्द उखाड़ फेंकेगा दरजों में उग आए झाड़-झंखाड़ और चढ़ा जाए एक चादर मजार पर।

 

अन्य जीवन की पीड़ाओं को परिभाषित करती कविताएं श्रोता की ओर से सराही गई।इस अवसर पर प्रो. राजेन्द्र गर्ग, अशोक सक्सेना, साबिर हसन, अच्युत ठाकुर, उमा हाडा, हुमा खान, सत्यनारायण नामा, फरीदुद्दीन खान, रमेश सैनी, अमीर अहमद सुमन, आबिद शाह, अजय मिश्रा, देवेंद्र जोशी आदि मौजूद थे।



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