जिला भी आया बर्ड फ्लू की चपेट में दो दर्जन कौओं की मौत

पशु पालन विभाग आया हरकत मेंभोपाल से आएगी जांच
टोंक. प्रदेश के झालावाड़, बारां, कोटा, जोधपुर, पाली और जयपुर जिले में फैले बर्ड फ्लू के बाद टोंक जिला भी इसकी चपेट में आ गया है। जिले में टोंक शहर समेत दूनी, देवली व उनियारा में दो दर्जन कौओं की मौत हुई है।

By: jalaluddin khan

Published: 06 Jan 2021, 08:06 PM IST

जिला भी आया बर्ड फ्लू की चपेट में दो दर्जन कौओं की मौत
पशु पालन विभाग आया हरकत मेंभोपाल से आएगी जांच
टोंक. प्रदेश के झालावाड़, बारां, कोटा, जोधपुर, पाली और जयपुर जिले में फैले बर्ड फ्लू के बाद टोंक जिला भी इसकी चपेट में आ गया है। जिले में टोंक शहर समेत दूनी, देवली व उनियारा में दो दर्जन कौओं की मौत हुई है।

हरकत में आए पशु पालन विभाग ने मृत कौओं के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित हाइसिक्योरिटी बर्ड लैब में भेजा गया है। जांच के बाद पुख्ता पता चल पाएगा कि कौओं की मौत किस बीमारी से हुई है, लेकिन अभी सम्भावना प्रदेश के अन्य जिलों की तरह बर्ड फ्लू की ही मानी जा रही है।

पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक मक्खनलाल दिनोदिया ने बताया कि इन दिनों बर्ड फ्लू चल रहा है। अब तक तो झालावाड़, बारां, कोटा, जोधपुर, पाली और जयपुर जिले में ही कौओं की असमय मृत्यु हो रही थी, लेकिन अब टोंक जिले में भी कौओं की मौत सामने आ रही है।

ऐसे में एवियन इन्फ्लुएजा रोग के जुनोटिक महत्व तथा रोग के कुक्कुट व्यवसाय पर पडऩे वाले सम्भावित दुष्प्रभाव के मध्यनजर रोग के रोकथाम को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।

लोगों को पक्षियों की असामान्य मृत्यु दिखाई देने पर विभाग से सम्पर्क करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों ने सूचना दी कि नेहरू पार्क में आधा दर्जन कौए मृत पड़े हैं।

ऐसे में विभाग टीम नेहरू पार्क भेजी गई। मृत कौओं का पोस्टमार्टम कराया गया। संयुक्त निदेशक ने बताया कि मृत कौओं के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। दानोदिया ने बताया कि पक्षियों में संक्रमण से यह रोग फैलता है।

उन्होंने बताया कि लोगों को बाहरी या विदेशी पक्षियों को अपने आस-पास नहीं रहने दिया जाना चाहिए। पक्षियों को दूर से ही दाना डाला जाए। पक्षियों में किसी प्रकार का रोग या मृत्यु होने पर विभाग से सम्पर्क किया जाए।

विजयगढ़ गांव में एक दर्जन से अधिक कौओं की मौत
दूनी. बंथली पंचायत के विजयगढ़ गांव में तीन दिनों में एक दर्जन से अधिक कौओं की मौत हो चुकी है। मृत कौओं को श्वान नोंच रहे हैं।

सूचना के बाद भी प्रशासन बेखबर होने से ग्रामीणों में चिंता है। विजयगढ़ गांव में तीन दिनों से अचानक एक-एक कर कौओं की मौत होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्र होने से लोगों ने मात्र सामान्य मानकर कौओं की मौत पर ध्यान नहीं दिया। विजयगढ़ स्कूल के अध्यापक जितेन्द्र सिंह ने बंथली सरपंच श्यामसिंह को सूचना देकर वन विभाग कार्मिकों को कौओं की मौत की जानकारी दी।

इसके बावजूद कोई कार्मिक गांव में नहीं पहुंचा। गत दिनों झालवाड़ में मृत मिले कौओं के नमूने की प्राथमिक रिपोर्ट में एच-5 एवियन इन्फजुएंजा वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस रोग का वायरस रोगी पक्षी की लार नाक, आंख के स्त्राव में पाया जाता है।

रोगी पक्षी या संक्रमित वस्तु के सीधे सम्पर्क में आने से फैलता है। रोग के संक्रमण पर 3 या 5 दिन लक्षण दिखाई देने लगते हैं।


कई जगह पड़े मृत कौओं के शव
विजयगढ़ गांव में तीन दिन में असामान्य मौत से करीब एक दर्जन से अधिक कौओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों को जब पक्षियों में चल रहे वायरस की जानकारी लगी तो उन्हें चिंता होने लगी।

कौए दाना चुगने को लेकर बाड़े में बंधे पशुओं तक पहुंच जाते है। उनके शरीर पर बैठे रहते हैं। ऐसे में पालतू मवेशियों के सम्पर्क में आने से मनुष्यों में भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

जागरूक करने का कार्य किया जाएगा
विजयगढ़ में कौओं के मरने की सूचना मिली है। तत्काल पशुपालन एवं वन विभाग की टीम भेज मृत कौओं को दफनाने सहित लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा।
-भारतभूषण गोयल एसडीओ, देवली

jalaluddin khan Reporting
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