Corona positive: टोंक कोरोना हॉटस्पॉट बमोर गेट से सटे क्षेत्र में दो नए पॉजिटिव मिले, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 136

शहर में कोरोना वायरस का कहर थम नहीं रहा है। मंगलवार को फिर से दो नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ये बमोर गेट से सटे संघपुरा तथा जोशियों के मोहल्ले से आए हैं। चिकित्सा विभाग ने पॉजिटिव के परिवार तथा सम्पर्क में आए लोगों के नूमने लिए हैं।

By: pawan sharma

Published: 05 May 2020, 08:40 PM IST

टोंक. शहर में कोरोना वायरस का कहर थम नहीं रहा है। मंगलवार को फिर से दो नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ये बमोर गेट से सटे संघपुरा तथा जोशियों के मोहल्ले से आए हैं। चिकित्सा विभाग ने पॉजिटिव के परिवार तथा सम्पर्क में आए लोगों के नूमने लिए हैं।

जिला कलक्टर के.के. शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 3606 लोगों के सेम्पल लिए गए हैैं, जिनमें से 136 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 136 कोरोना पॉजीटिव में से 115 लोगों की रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आ चुकी है। जिले में चार क्वारेंटाइन सेन्टर चल रहे हैं। क्वारेन्टीन फेसेलीटीज में 71 लोग है।


कलक्टर ने बताया कि मिशन लाइट सेविंग (लिसा) के अन्तर्गत हाइरिस्क गु्रप में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के उच्च रक्तचाप से पीडि़त, ह्रदय रोगी, मधुमेह, अस्थमा, सीओपीडी, किडनी से संबंधित रोग, कैंसर, टीबी व अन्य गंभीर रोगों से प्रभावित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

कलक्टर ने बताया कि टोंक शहर में सर्वे टीमों की ओर से कंटेनमेंट जोन में एक लाख 41 हजार 90 घरों के 8 लाख 46 हजार 492 लोगों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें आइएलआइ के केस एक हजार 113 है। इसी प्रकार बफर जोन में एक लाख 19 हजार 419 घरों के 6 लाख 96 हजार 725 लोगों का सर्वे किया गया है।


इनमें आइएलआइ के 191 केस है। वर्तमान में 3157 लोग होम आइसोलेशन में है। कुल 41 हजार 566 लोग होम आइसोलेशन में रखे गए थे। इनमें से 38 हजार 409 लोगों ने होम आइसोलेशन की 14 दिन की अवधि पूर्ण कर ली है।

घर बैठे मिलेगा चिकित्सीय परामर्श

टोंक. बीमार व्यक्ति को अब अस्पताल तक जाने की जरूरत नहीं है, उसे घर बैठे ही वह चिकित्सीय परामर्श ले सकेगा। यह सुविधा सोमवार से टोंक जिला मुख्यालय सहित पूरे प्रदेश में शुरू हुई है। कोरोना वायरस के कहर के बीच संक्रमण को रोकने की खातिर सरकार ने ई-संजीवनी ओपीडी सुविधा शुरू की है, ताकि किसी के बीमार होने पर उसे अस्पताल जाने की जरूरत नहीं रहे, जिससे कोरोना संक्रमण की आशंका ही नहीं रहे।

इसी के मद्देनजर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ई-संजीवनी ओपीडी सेवा शुरू की है। इस योजना के तहत ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर घर बैठे ही रोगी चिकित्सा परामर्श ले सकेंगे। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महबूब खान ने बताया कि जिला चिकित्सालय में जिस तरह टेलीमेडिसिन की सुविधा थी उसी तर्ज पर यह सुविधा शुरू हुई है।

हालांकि टेलीमेडिसिन में मरीजों को अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन ई-संजीवनी ओपीडी सेवा के लिए मरीज को अस्पताल आने की जरूरत नहीं है। वह अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर के जरिए ई-संजीवनी ओपीडी डॉट इन वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीयन करा सकेंगे। इसके बाद उनके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे डालकर पूरी जानकारी के साथ रोगी अपना पंजीयन करा सकेंगे।

इसके बाद उन्हें टोकन नम्बर जारी होने के साथ लॉगिन करना होगा। लॉगइन ओपन होते ही चिकित्सालय में चिकित्सक ऑनलाइन शो हो जाएंगे। फिर वह रोगी अपना नंबर आने पर चिकित्सक से ऑडियो व वीडियो कॉल के जरिए बात कर अपने रोग के बारे में बता सकेंगे। इस पर चिकित्सक उन्हें परामर्श देंगे। साथ ही परामर्श पूरा होते ही चिकित्सक द्वारा रोगी की लॉगइन आईडी पर ई-प्रिसिकैप्सन भेजा जाएगा। जिसे रोगी डाउनलोड करके प्रिंट भी निकाल सकेंगे फिर समीप की दवा दुकान से दवा ले सकेंगे।

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