गांव के विद्यालय की जिले में बनाई पहचान, राज्य स्तर पर मिला सम्मान

गांव के विद्यालय की जिले में बनाई पहचान, राज्य स्तर पर मिला सम्मान

 

By: pawan sharma

Published: 05 Sep 2020, 07:40 AM IST

मालपुरा. सरकारी विद्यालयों के नाम सुनते ही लोगों में तरह-तरह की कमियों व समस्याओं की बात सुनने को मिलती है, कहीं अध्यापकों के पद रिक्त है तो कई भवन जर्जर व जीर्ण-शीर्ण है तो विद्यार्थियों का नामांकन कम है परिणाम कम है जैसी कई समस्याएं सुनने को मिलना आम बात है, लेकिन उपखण्ड की कुराड़ ग्राम पंचायत के थड़ी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सभी प्रकार की आधुनिक सुख-सुविधाएं देखने को मिल सकती है।

विद्यालय में प्रवेश करने के साथ ही व्यवस्थाओं को देख ऐसा लगता है मानो किसी शहर के किसी नामी गिरामी शिक्षण संस्थान में प्रवेश कर रहे है। यह सभी सुविधाएं प्रधानाध्यापक के प्रयासों से सम्भव हुआ है। उपखण्ड की कुराड़ ग्राम पंचायत में एक थड़ी गांव है। गांव को पिछड़े गांवों में देखा जाता है। राज्य सरकार की ओर से गांव में बालकों की शिक्षा के लिए वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है।

विद्यालय में अपने बालकों को विद्यालय में पढ़ाने में ग्रामीणों द्वारा रूचि नहीं ली जाती थी, लेकिन प्रधानाध्यापर्क बी. एल. गुर्जर के अथक प्रयासों के चलते वर्तमान में इस सरकारी विद्यालय में विद्यार्थियों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।


सभी सुविधाएं मौजूद
प्रधानाचार्य के प्रयासों से विद्यालय में प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी कैमरे, वॉकी टोकी सिस्टम, बिजली-पानी की सुविधा, कक्षाओं का डिजिटलाईजेशन, ई-लर्निंग की सुविधा, टिचिंग लर्निंग मेटेरियल से चित्रित दीवारें, सम्पूर्ण कक्षा-कक्ष प्लास्टिक पेन्ट से सुसज्जित, सम्पूर्ण विद्यालय परिसर वाई-फाई सुविधा युक्त, आधुनिक शौचालय व मूत्रालय, इन्वर्टर की सुविधा, कम्प्यूटर्स व प्रिंटर्स की सुविधा, सोलर पैनल से विद्युत व्यवस्था प्रत्येक माह बालकों को टेस्ट, होम थियेटर, म्यूजिक सिस्टम, सभी कक्षा-कक्ष में पंखे व कूलर की सुविधा, म्यूजिक सिस्टम से प्रार्थना, ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक स्कूल बेल की सुविधा के चलते बिना चपरासी के पिरियड व घंटी का बजना, सीसीटीवी कैमरे का प्रधानाचार्य के मोबाइल से लिंक बना हुआ है, जिससे प्रधानाचार्य के विद्यालय से बाहर होने पर भी सम्पूर्ण निगरानी बनाए रखते है।


65 से पहुंचा 160
विद्यालय में वर्ष 2005 में नामाकंन 6 0 से 6 5 था, जिस पर प्रधानाचार्य द्वारा वर्ष 2007 में विद्यालय को क्रमोन्नत करवाकर विद्यालय को उच्च प्राथमिक स्तर तक करवाया गया। विद्यालय में कक्षा-कक्ष के बाहर के बरामदों में विद्यार्थियों की जानकारी के लिए टिचिंग लर्निंग मेटेरियल से चित्रित दीवारें बनी हुई है। वर्तमान में विद्यालय का नामांकन प्रतिशत बढकऱ लगभग 16 0 तक पहुंच गया है।

विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहने लगा है। जुलाई 2017 में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने एवं छूआछूत तथा अंधविश्वास से मुक्त मानवतावादी विश्व समाज को साकार करने के लिए आईपीएस अधिकारी किशनसहाय की टीम का कार्यक्रम रखा गया।

राज्य स्तर पर मिला सम्मान

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय थड़ी के प्रधानाध्यापक भंवर लाल गुर्जर को वर्ष 2019 में विद्यालय में कराए गए विकास कार्य को लेकर राज्य सरकार की ओर से राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।


सहयोग से हुआ संभव

प्रधानाध्यापक बी. एल. गुर्जर ने बताया कि विद्यालय में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता रही है। भामाशाहों, दानदाताओं व मित्रों के सहयोग से सभी कार्य सम्भव हुए है। भविष्य में विद्यालय में एक डिजीटल लाईब्रेरी की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है जिससे गांव व क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसका लाभ मिल सके।

pawan sharma
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