नलों में मीठे पानी का इंतजार, ट्यूबवेल के खारे पानी से बुझा रहे प्यास

शहर के अन्नपूर्णा क्षेत्र के लोग नल कनेक्शन दिए जाने के डेढ़ साल बाद भी नलों में पानी की आस लगाए बैठे है। क्षेत्र के कुछ ही इलाकों में दो दिन में एक बार मीठे पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन वो भी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है।

By: pawan sharma

Published: 05 Apr 2021, 08:06 AM IST

टोंक. शहर के अन्नपूर्णा क्षेत्र के लोग नल कनेक्शन दिए जाने के डेढ़ साल बाद भी नलों में पानी की आस लगाए बैठे है। क्षेत्र के कुछ ही इलाकों में दो दिन में एक बार मीठे पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन वो भी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है। इसी तरह कई स्थानों पर तो मीठा पानी छोड़ खारा पानी भी नलों में नहीं आ रहा है।

ऐसे हालातों में मोहल्ला अन्नपूर्णा के लोगों को एक किलोमीटर दूर का सफर तय हाइवे पार करके पीने के पानी का जुगाड़ करना पड़ता है। टोंक से गुजरने वाले जयपुर कोटा नेशनल हाइवे के नजदीक अन्नपूर्णा मोहल्लावासियों का कहना है उनकी इस पीड़ा की उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लेकर कलक्टर तक कई बार गुहार लगा चुके है, लेकिन कोरे आश्वासन के अलावा आज तक समस्यां का कोई समाधान नहीं हो पाया है।

इनका कहना है

मोहल्ले में नालियां नहीं होने से गन्दा पानी सडक़ों पर फेल रहा है। नालियों के अभाव में घरेलू पानी की निकासी का उचित प्रबन्ध नहीं होने के कारण क्षेत्र में आए दिन लड़ाई- झगड़ा होने से लोगों में मनमुटाव बढ़ रहा है। दो साल पूर्व विभाग की ओर से घरों में नल कनेक्शन तो दे दिए, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई नहीं हुई। गणेशजी मन्दिर अन्नपूर्णा पर पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन उसको अभी तक शुरू नहीं किया गया।
- बाबूलाल, सोरण रोड गणेशजी के मंदिर के सामने टोंक।


मोहल्ले में नलों में बीसलपुर बांध का मीठा पानी नहीं आने से मजबूरन धोलाखेड़ा या बायपास बमोर रोड व हाईवे पार अन्य जगह से पीने का पानी लाना पड़ता है। वहां भी आसपास के क्षेत्रों में यही हालात होने के कारण भीड़ अधिक रहने पर लड़ाई -झगडे की नौबत बनी रहती है। पानी के लिए हाइवे पार कर जाने में हरदम दुर्घटनाओं को अंदेश बना रहता है। फिलहाल क्षेत्र में एक ट्यूबवेल है उसमें भी खारा पानी आता है, जिससे ही काम चलाना पड़ता है।

-कन्हैया लाल, अन्नपूर्णा टोंक


ट्यूबवेल के खारे पानी से बर्तन तक खराब होने लगे है। वहीं कई लोगों में एलर्जी की शिकायत भी रहने लगी है। खारे पानी के कारण हर साल कूलर की रिपेयरिंग करवाना पड़ रहा है। साथ ही मोहल्ले मेें बिजली के खम्बों पर ट्यूबलाइट नहीं होने से रात को अंधेरा रहता है। कुछ लाइटें दिन में जलती रहती है, लेकिन रात को बंद रहने से क्षेत्र में अंधेरा छाया रहता है। इसलिए अंधेरें में महिलाओं को बाहर निकलने में डर बना रहता है। पुलिस की गश्त भी कभी कभार ही हो पाती है। - मोतियां देवी, टोंक


दो दिन में एक बार ही मीठे पानी की सप्लाई होती है, लेकिन सिर्फ आधा घण्टा से भी कम समय तक पानी की आपूर्ति होने कारण वह पर्याप्त नहीं है। नहाने धोने सहित अन्य काम के लिये टैंकर मंगवाना पड़ता है। ऊंचाई पर मकान होने से नलों में भी पानी प्रेशर से नहीं आता, जिस कारण जल्दी ही पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। इतना ही नही सफ ाई भी सही तरीके से नहीं हो पाती। दो दिन में एक ही बार सफ ाई होती है।
विद्या देवी शर्मा, रिटायर्ड अध्यापिका, बमोर रोड अन्नपूर्णा टोंक।

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