मिट्टी गुणवत्ता की मिलेगी जानकारी, बढ़ेगा उत्पादन

पहले लेते थे 20 नमूने, अब पर्यवेक्षक लेंगे 50 नमूने
जिले में लेने हैं 19100 नमूने
टोंक. खेतों में होने वाली फसल की बढ़ोतरी के लिए मिट्टी की जांच के नमूने अब कृषि पर्यवेक्षक दो से अधिक गुना लेंगे। इसके आदेश कृषि विस्तार विभाग ने जारी किए हैं।

By: jalaluddin khan

Updated: 12 Jul 2021, 08:29 PM IST

मिट्टी गुणवत्ता की मिलेगी जानकारी, बढ़ेगा उत्पादन
पहले लेते थे 20 नमूने, अब पर्यवेक्षक लेंगे 50 नमूने
जिले में लेने हैं 19100 नमूने
टोंक. खेतों में होने वाली फसल की बढ़ोतरी के लिए मिट्टी की जांच के नमूने अब कृषि पर्यवेक्षक दो से अधिक गुना लेंगे। इसके आदेश कृषि विस्तार विभाग ने जारी किए हैं।


पिछले साल तक प्रति कृषि पर्यवेक्षक खेतों में जाकर महज 20 नमूने ही लेता था, लेकिन अब 50 नमूने लेगा। इसके लिए जिले में 19 हजार 100 नमूनों का लक्ष्य रखा गया है। इसका कारण यह है कि किसान फसल उत्पादन के लिए जो खाद डाल रहा है, वो फसल के लिए पर्याप्त या है नहीं। इसको जानना है।


ताकि किसान को पता चल सके उसके खेत की मिट्टी में किस की कमी है। कृषि विभाग की लैब में हुई जांच के बाद पता चलता है कि खेत में किस खाद की कमी है। इसके बाद किसान वो खाद डालता है तो फसल के उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।


कृषि विभाग के मुताबिक वर्ष 2020 में प्रति कृषि पर्यवेक्षक को 20-20 कुल 40 नमूने लेने थे, लेकिन इस बार दोनों फसल में 100 नमूनों का लक्ष्य रखा गया है।


इसके अलावा किसान लैब में आकर भी मिट्टी की जांच करा सकता है। इसे मिट्टी स्वास्थ कार्ड कहा जाता है। विभाग के मुताबिक मिट्टी जांच के प्रथम चरण में वर्ष 2015 से 2017 तक जिले में एक लाख 14 हजार 244 मिट्टी के नमूने लिए गए।


इसमें 4 लाख 31 हजार 695 स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। इसके बाद दूसरे चरण में 2017 से 2019 तक एक लाख 25 हजार 849 नमूने लिए गए। इसमें 5 लाख 9 हजार 407 कार्ड बनाए गए। इस वर्ष भी नमूने लिए जाएंगे।


किसान को नहीं लगता पता
दरअसल खेत में क्या कमी है। इसका पता किसान को नहीं लग पाता। जबकि वो फसल उत्पादन की बढ़ोतरी के लिए खाद का उपयोग करता है, लेकिन कौन सी खाद अधिक देनी है, इसकी जानकारी मिट्टी जांच से ही पता चलती है।


चिकित्सा विभाग के अनुसार सल्फर खाद से सरसों तेल की मात्रा बढ़ती है। वहीं गेहूं में जिंक आयरन की अधिकतर कमी महसूस की जाती है। ऐसे में किसान अन्य खाद के साथ इसका उपयोग करता है तो फसल में बढ़ोतरी होगी।


कृषि विभाग के मुताबिक पौधे को समुचित 16 तत्व की जरूरत होती है। किसी भी एक की कमी होने पर बढ़ोतरी में रुकावट हो जाती है।

किसान को भी ध्यान देना होगा
खेत से मिट्टी के नमूने लेने के बाद उसकी स्थिति के बाद में किसान को अवगत कराया जाता है। उन्हें कहा जाता है कि मिट्टी में जो कमी है उसे पूरा किया जाए। ऐसे में किसान को भी अपनी फसल पर ध्यान देना होगा। इससे जिले में फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वहीं इस साल से कृषि पर्यवेक्षक दो गुना से अधिक मिट्टी के नमूने लेंगे।
- दिनेश बैरवा, सहायक निदेशक, कृषि विस्तार विभाग टोंक

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