Adhai Din Ka Jhonpra

अढ़ाई दिन का झोंपड़ा

Adhai Din Ka Jhonpra

विवरण :

अढ़ाई दिन का झोंपड़ा- दरगाह के सिर्फ एक किलोमीटर फासलें पर स्थित अढ़ाई दिन का झौंपड़ा मूलत: एक संस्कृत विद्यालय था। अजमेर के पूर्ववर्ती राजा अरणोराज के उत्तराधिकारी विग्रहराज तृतीय ने इसका निर्माण करवाया था। सन् 1192 में मोहमद गौरी ने इसे गिराकर मात्र ढ़ाई दिन में बनवा दिया। बाद में कुतुबद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद का रूप दे दिया। मराठा काल में यहां पंजाबशाह बाबा का ढ़ाई दिन का उर्स ाी लगा है। दरगाह शरीफ से कुछ ही दूरी पर स्थित यह इमारत हिंदू- मुस्लिम स्थापत्य कला का नायाब नमूना है । सात मेहराबों से बना सत्तर स्ताों पर ाड़े इस झौंपड़े की बारीक कारीगरी बेजोड़ है। छत पर ाी बेहतरीन कारीगरी है। यहां बनी दीर्घाओं में ांडित मूर्तियां और मंदिर के अवशेष रो हैं।

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