Maa Durga Bhawani Dham

माँ दुर्गन भवानी धाम

Maa Durga Bhawani Dham

विवरण :

बात करें हम शक्ति पीठ माँ दुर्गन भवानी धाम कि चैत्र नवरात्रि और कुवार नवरात्रि के साथ प्रत्येक सोमवार वा शुक्रवार को यहाँ बड़ा मेला आयोजित होता है वहीं दूर दराज से यहाँ लाखों श्रद्धालु माँ भवानी के दर्शन और आशिर्वाद के लिए आते है लोगों का मानना है कि यहाँ आने से माँ भवानी हर दुखो को दूर कर देती है गौरतलब हो कि गौरीगंज शहर से 5 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित सिद्ध पीठ दुर्गन धाम पौराणिक हिन्दु धर्म का पवित्र तीर्थ स्थल है यहां प्राचीन समय में प्राप्त मूर्तियां मन्दिर प्रांगण में बिराजमान तथ्य को काफी हद तक प्रमाणिकता प्रदान करते हैं नवरात्र में यहां मां के भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है साथ ही हर सोमवार को मेले की शक्ल में भीड़ मां के दर्शन को आती है मंदिर के पीछे स्थित सरोवर और उसमें खिले सुंदर कमल के फूल लोगों को आकर्षित करते हैं। यहां पर चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के अवसर पर भारी भीड़ जुटती है

क्या है लोगों कि मान्यताये : वहीं 17वी शताब्दी के पूर्व में बने इस शक्ति पीठ धाम से लोगों कि दिली आस्था जुड़ी है लोगों कि मान्यता है यहाँ मा भवानी के दर्शन को आने वाले हर शक्श कि मान्यता पूरी होती है माँ भक्तों के अनुसार गूगा भी यहाँ बोल सकता है अंन्धे को यहाँ आख मिलती है साथ ही मा भगवती के चरण पादुका से निकलने वाला नीर आखो के लिए काफी लाभकारी होता है

क्या है धाम का इतिहास : दुर्गन धाम में मां दुर्गा के भव्य मंदिर के साथ ही छोटे बड़े मंदिर बने हुए हैं जो मां के धाम की भव्यता में चार चांद लगाते हैं मन्दिर के पुजारी भोलानाथ तिवारी ने बताया कि 17वी शताब्दी के प्राचीन इस मंदिर की स्थापना दो सौ वर्ष पहले अमेठी राजघराने के महाराज माधव सिंह के पूर्वजों द्वारा कराई गई थी बताया जाता है कि अमेठी के राजा अपनी सीमाओं को देखने निकले थे उनका पड़ाव भवन शाहपुर गांव के पास जंगल में रुका था इसी बीच एक पत्थर की मूर्ति स्वत: जमीन चीरकर बाहर आ गई इसे देखकर महाराजा भगवान बक्स सिंह सहित उनके सैनिक और मंत्री आश्चर्य चकित हो गए धार्मिक भावना में विश्वास रखने वाले अमेठी नरेश ने अपने राज्य की दक्षिण पश्चिम सीमा पर मां दुर्गा के नाम पर दुर्गन धाम की स्थापना कराई। धीरे-धीरे यह आश्रम भक्तों का पवित्र तीर्थ स्थल ही बन गया।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK