मेलोडियस केरेला टूर

अक्टुबर से फरवरी माह के दौरान केरला भारत का सबसे खुबसूरत राज्य और पर्यटन स्थल बन जाता है

Priyanka Chandani

March, 0210:06 AM

केरला भारत के उत्तरी दक्षीण प्रदेश के समुद्र तट पर बसा हुआ एक छोटा सा राज्य है। वैसे तो केरेला के बारे में सब जानते ही हैं कि यह दक्षिण भारत का एक राज्य है जहां गरम मसालों की खेती होती है। 1 नवंबर 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अन्तर्गत मलयालम बोलने वाले आसपास के प्रदेशों को मिलाकर के रेला बनाया गया। कर्नाटक की उत्तर-पूर्व बोर्डर पर बसे केरला को पूर्व के दक्षिणी ओर से तमिलनाडु तथा पश्चिम से लक्ष्यदिप महासागर घेरे हुए है। जनसंख्या की द ृष्टी से केरला 13वां सबसे बड़ा राज्य है जिसमें 14 जिले है और थिरूवनन्थपुरम राजधानी है। मलयाली भाषा बोले जाने वाला इस राज्य में 93.91 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं। मीडिया की दृष्टी से भी केरला विभीन्न भाषाओं में सबसे ज्यादा अखबार प्रिंट करने वाला राज्य है। केरला का पर्यटन यहां की उष्णकटीबंधीय हरियाली, समुद्र किनारे, झरने, और आयुर्वेदिक पर्यटन के लिए काफी फेमस है।

यह तो हुइ केरला की बात की वह क्या है और किसके लिए प्रसिद्ध है। अब यदि आप केरला का ट्रीप चाहते हैं तो यह जान लेना भी जरूरी है कि केरला में जाना और घुमना किस तरह से होना चाहिए। यहां की भाषा हो सकता है आपके लिए एक चेलेंज हो लेकिन जब आप केरला पहुचेंग तो यहां की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर बाकी सब कुछ भुल जाएंगे।

केरला का तापमान तीन सिजन में बांटा जा सकता है। सर्दी, गरमी और बारिश। सर्दी का मौसम अक्टुबर से फरवरी तक रहता है और इस मौसम में केरला की हरियाली देखने का मजा ही कुछ और है। मार्च से मई तक के महिने केरला के मौसम में गरमी नमी के कारणं घूमने के लिए ज्यादा अच्छे नहीं है। जून से सितम्बर का मौसम ठंडी हवा के साथ-साथ बारिश का होता है। लेकिन सर्दियों का मौसम अक्टुबर से फरवरी केरला घूमने के लिए सबसे बहेतर सिजन है। इस सिजन के दौरान केरला भारत का सबसे खुबसूरत राज्य और पर्यटन स्थल बन जाता है। इस मौसम के दौरान आप बीच, झरने और केरला के पहाड़ों का भी आनंद ले सकते हैं। इसी दौरान आप केरला के त्योंहार मनाने के कल्चर से भी रूबरू हो सकते हैं।

यदि आप इसी मौसम के दौरान केरला की सैर करना चाहते हैं तो अभी से तैयारी क रना शुरू कर दें ताकि आप इस जगह का अच्छी तरह से लुत्फ उठा पाएं। गरमी के मौसम के दौरान होटल के चार्ज कम होते हैं हालांकि इस दौरान भी केरला की खुबसूरती को देखा और महसूस किया जा सकता है।

केरला आयुर्वेदिक थेरेपी के लिए जाना जाता है। बारिश के दिनों में लगभग हर बीच पर यह थेरेपी होती है। यह मौसम आयुर्वेदिक थेरेपी के लिए सबसे बहेतर है। के रेला घूमने के लिए जनवरी से अप्रेल और अक्टुबर से दिसम्बर सबसे अच्छा वक्त है।

यदि आप इस बार केरला में अपनी ट्रीप प्लान कर रहे हैं तो सबसे पहले आपको मुन्नार जाना चाहिए। कोचिन एयरपोर्ट या रेल्वे स्टेशन से 155 किलोमीटर की रोड़ ड्राइव से आप मुन्नार जो की दक्षिण भारत में हिल स्टेशन की रानी माना जाता है, पहुं च जाएंगे। यहां किसी रिसोर्ट या होटल में रूककर आप शहर की आस-पास की जगहों का मजा ले सकते हैं। यहां पर पेस्ट्री और डिनर का आनंद उठाएं। एक रात रू कने के बाद आप दूसरे दिन भी मुन्नार का मदुपत्ती डेम, कुन्डला लेक, इको पोइन्ट, देखकर राजमलाइ की और प्रस्थान कर सकते हैं।

तीसरे दिन थेक्कडी हिल स्टेशन और वाइल्ड लाइफ "पेरियार वाइल्ड लाइफ सेन्च्युरी" आपका इंतजार कर रही होगी। जो की मुन्नार से करीब 90 किमी है और 3 घंटे की दूरी पर है। यहां पर घूमने के बाद शामको आप फ्रेश और अच्छी क्वालिटी के मसाले खरिद सकते हैं।

केरला का 4 से 5 दिन का ट्रेवल लगभग 30000 हजार तक का हो सकता है। लेकि न यह अनुभव आपके लिए सबसे बहेतर होगा। सिजन के दौरान यहां के बजट होटल का एक दिन का किराया लगभग 2000 से 3000 हो सकता है।
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प्रियंका चंदानी
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