5 करोड़ जीतने के बाद Sushil Kumar चले गए थे बर्बादी के कगार पर, लग चुकी थी कई बुरी लत, तलाक की आ गई थी नौबत

By: Sunita Adhikari
| Published: 14 Sep 2020, 07:54 PM IST
5 करोड़ जीतने के बाद Sushil Kumar चले गए थे बर्बादी के कगार पर, लग चुकी थी कई बुरी लत, तलाक की आ गई थी नौबत
Sushil Kumar life story

  • 5 करोड़ जीतने के बाद सुशील कुमार काफी वक्त सुर्खियों में बने रहे थे। लेकिन आज उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। दरअसल, केबीसी में करोड़ों रुपए जीतने के बाद सुशील कुमार की बर्बादी का दौर शुरू हो गया।

नई दिल्ली: 'कौन बनेगा करोड़पति' का 12वां सीजन जल्द ही टीवी पर प्रसारित होने वाला है। इस शो ने कई लोगों को करोड़पति बनाया है। उन्हीं में से एक हैं सीजन पांच में पांच करोड़ रुपए की धनराशि जीतने वाले सुशील कुमार। 5 करोड़ जीतने के बाद सुशील कुमार काफी वक्त सुर्खियों में बने रहे थे। लेकिन आज उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। दरअसल, केबीसी में करोड़ों रुपए जीतने के बाद सुशील कुमार की बर्बादी का दौर शुरू हो गया।

सुशील कुमार को शराब और सिगरेट की लत लग चुकी थी। पत्नी से तलाक की नौबत आ गई थी। बिजनेस फ्लॉप हो गया था। दरअसल, सुशील कुमार ने फेसबुक पेज से एक लंबा चौड़ा नोट लिखा, जिसमें उन्होंने केबीसी के बाद का अपना सफर बताया है। हालांकि उनका ये अकाउंट वैरिफाइड नहीं है। सुशील ने लिखा, '2015-2016 मेरे जीवन का सबसे चुनौती पूर्ण समय था कुछ बुझाइए नही रह था क्या करें। लोकल सेलेब्रिटी होने के कारण महीने में दस से पंद्रह दिन बिहार में कहीं न कहीं कार्यक्रम लगा ही रहता था।इसलिए पढ़ाई लिखाई धीरे धीरे दूर जाती रही। उस समय मीडिया को लेकर मैं बहुत ज्यादा सीरियस रहा करता था और मीडिया भी कुछ कुछ दिन पर पूछ देती थी कि आप क्या कर रहे हैं इसको लेकर मैं बिना अनुभव के कभी ये बिज़नेस कभी वो करता था ताकि मैं मीडिया में बता सकूं की मैं बेकार नही हूं। जिसका परिणाम ये होता था कि वो बिज़नेस कुछ दिन बाद डूब जाता था। इसके साथ केबीसी के बाद मैं दानवीर बन गया था और गुप्त दान का चस्का लग गया था महीने में लगभग 50 हज़ार से ज्यादा ऐसे ही कार्यों में चला जाता था।'

'पत्नी के साथ भी सम्बन्ध धीरे धीरे खराब होते जा रहे थे। वो अक्सर कहती थी कि आपको सही गलत लोगों की पहचान नही है और भविष्य की कोई चिंता नही है,ये सब बात सुनकर हमको लगता था कि हमको नही समझ पा रही है इस बात पर खूब झड़गा हो जाया करता था। हालांकि इसके साथ कुछ अच्छी चीजें भी हो रही थी दिल्ली में मैंने कुछ कार ले कर अपने एक मित्र के साथ चलवाने लगा था जिसके कारण मुझे लगभग हर महीने कुछ दिनों दिल्ली आना पड़ता था इसी क्रम में मेरा परिचय कुछ जामिया मिलिया में मीडिया की पढ़ाई कर रहे लड़कों से हुआ फिर आईआईएमसी में पढ़ाई कर रहे लड़के फिर उनके सीनियर,फिर जेएनयू में रिसर्च कर रहे लड़के,कुछ थियेटर आर्टिस्ट आदि से परिचय हुआ। अब इन सब चीजों के साथ एक लत भी साथ जुड़ गया शराब और सिगरेट। जब इन लोगों के साथ बैठना ही होता था दारू और सिगरेट के साथ।'

'उस वक्त फिल्में देखने का चस्का लग गया था। ऋत्विक घटक, सत्यजीत रॉय और तमाम अवॉर्ड विनिंग फिल्में देख ली थीं। मन में आया कि निर्देशक बन सकते हैं। एक प्रोड्यूसर मित्र से बात की तो उन्होंने टीवी सीरियल से शुरुआत करने के लिए कहा। एक बड़े प्रोडक्शन में काम किया। वहां पर्दे के पीछे की सारी चीजें समझने का मौका मिला। हालांकि मेरा मन नहीं लग रहा था। जल्द ही एहसास हो गया कि मैं निर्देशक बनने नहीं आया बल्कि मैं सच्चाई से भागना चाह रहा था।'

सुशील आगे लिखते हैं 'असली खुशी अपने मन का काम करने में है। घमंड को कभी शांत नही किया जा सकता। बड़े होने से हज़ार गुना ठीक है अच्छा इंसान होना। खुशियां छोटी छोटी चीजों में छुपी होती है। जितना हो सके देश समाज का भला करना जिसकी शुरुआत अपने घर/गांव से की जानी चाहिए। इसके बाद मैं मुम्बई से घर आ गया और टीचर की तैयारी की और पास भी हो गया साथ ही अब पर्यावरण से संबंधित बहुत सारे कार्य करता हूं जिसके कारण मुझे एक अजीब तरह की शांति का एहसास होता है साथ ही अंतिम बार मैंने शराब मार्च 2016 में पी थी उसके बाद पिछले साल सिगरेट भी खुद ब खुद छूट गया। अब तो जीवन मे हमेशा एक नया उत्साह महसूस होता है और बस ईश्वर से प्रार्थना है कि जीवन भर मुझे ऐसे ही पर्यावरण की सेवा करने का मौका मिलता रहे इसी में मुझे जीवन का सच्चा आनंद मिलता है। बस यही सोंचते हैं कि जीवन की जरूरतें जितनी कम हो सके रखनी चाहिए बस इतना ही कमाना है कि जो जरूरतें वो पूरी हो जाये और बाकी बचे समय में पर्यावरण के लिए ऐसे ही छोटे स्तर पर कुछ कुछ करते रहना है।' सुशील कुमार का ये पोस्ट काफी वायरल हो रहा है।