रामायण में रामानंद सागर के राज का हुआ खुलासा,कैसे पानी पर तैराए गए थे 'राम' लिखे पत्थर

By: Pratibha Tripathi
| Updated: 12 Jun 2020, 09:56 PM IST
रामायण में रामानंद सागर के राज का हुआ खुलासा,कैसे पानी पर तैराए गए थे 'राम' लिखे पत्थर
Sunil Lahiri revealed the Ramayana

  • रामानंद सागर ने एक्रेलिक के कुछ पत्‍थर बनवाए थे और उन पर 'राम' लिखवाया था।
  • रामायण में किस तरह से बनवाए थे पत्‍थर

नई दिल्ली: रामानंद सागर कृत रामायण (Ramayan) के सभी पात्र किसी सुपर स्टार से ज्यादा पॉप्युलर हो गए थे। अगर बात करें लक्ष्‍मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी (Sunil Lahiri revealed the Ramayana) की तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर शूटिंग से जुड़ा एक किस्‍सा शेयर किया जिस पर जम कर कमेंट आ रहे हैं। ये किस्सा है राम सेतु निर्माण के सीन को फिल्माने का। जिसमे 'राम' लिखे पत्‍थर पानी पर तैरते हुए दिखाना था।

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shooting Ke Piche Ki Kuch Ankahi chatpati baten

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33 साल पुरानी शर्ट पहन कर सुनाया किस्सा

रामायण के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले रामायण के 'राम सेतु' वाले एपिसोड के प्रसारण से पहले, उस एपीसोड के शूटिंग की कहानी सुनाई। उन्‍होंने इसके लिए माध्यम चुना ट्विटर को, ट्विटर पर जो वीडियो शेयर किया उस वीडियो में सुनील ने वही शर्ट पहनी जो रामायण के शूटिंग के समय पहना था यानी वह शर्ट लगभग 33 साल पुरानी है।

छोटे से मिनिएचर से बना था पल

सुनील लहरी ने जो किस्सा सुनाया उसके मुताबिक राम सेतु वाले सीन को फिल्माने के लिए रामानंद सागर ने चार कैमरे लगाए थे। उस समय तकनीकी तौर पर शूटिंग करना इतना आसान नहीं होता था, इस तरह के सीन को फिल्माना काफी मुश्किल होता था। ना तो कोई लंबा पुल बनाया गया था और ना ही कोई भारी भरकम सेट था, सुनील ने बताया कि एक डेढ़ फीट का मिनिएचर बनाया गया, और उसमें लड़की की प्‍लेट पर छोटे पत्‍थरों को चिपका कर सेतु का निर्माण दिखाया गया।

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प्‍लेट को बनाया समुद्र

उन्होंने बताया कि शूटिंग के समय एक कैमरे को ऐसी जगह फ‍िट किया गया जिससे वो डेढ़ फीट का मिनिएचर भी बहुत विशाल आकृति का दिखने लगा। दूसरी ओर समुद्र को दिखाने के लिए एक और कैमरे की मदद ली गई, इस कैमरे से एक प्‍लेट में पानी भर कर उसे समुद्र के रूप में दिखाया गया। जबकि तीसरा कैमरा राम-लक्ष्‍मण' और उनकी सेना को नीले वर्चुअल पर्दे के आगे यानी क्रोमा काटने के लिए फिल्माया गया। और चौथा कैमरा जिसकी सबसे ज़्यादा उपयोगिता थी, यह कैमरा पत्‍थरों पर फोकस था।

राम लिखे पत्‍थर की कहानी

तकनीकी तैयारी तो पूरी कर ली गई लेकिन समस्या थी पत्थरों को पानी पर तैराने की और वो भी राम लिखे हुए पत्थर। जो बड़े पत्‍थर सेट पर मंगवाए गए वो तो पानी में डूबने ही थे। इसका समाधान खोजने के लिए रामानंद सागर ने एक्रेलिक के पत्‍थर बनवाए जिनपर 'राम' लिखा गया था। एक्रेलिक के पत्‍थर पानी में नहीं डूबते थे। इस सूझबूझ से चार कैमरों के माध्यम से अलग-अलग फ्रेम को फिल्मा कर सभी को मिक्स कर दिया गया।

र‍िजल्‍ट देख अचरज मे पड़े लोग

सुनील लहरी ने बताया कि जब शूटिंग फाइनल हुई तो उस सीन को देख कर सभी हैरान रह गए थे। फाइनल शॉट को देख कर ऐसा अंदाज लगाना मुश्किल था कि ये चार कैमरों से अलग अलग फिल्माया गया था।और ये समुद्र की जगह एक प्लेट में शूट किया गया था।