इस एक्टर को 'असली श्रीकृष्ण' मानने लगे लोग, पर खत्म हुआ फिल्मी कॅरियर, सबकुछ छोड़ करने लगा खेती
Pawan Kumar Rana
| Updated: 23 Aug 2019, 12:53:41 PM (IST)
इस एक्टर को 'असली श्रीकृष्ण' मानने लगे लोग, पर खत्म हुआ फिल्मी कॅरियर, सबकुछ छोड़ करने लगा खेती
महाभारत में निभाया श्रीकृष्ण का रोल

फिल्मों और टीवी सीरीयल्स में उन्हें छोटे-छोटे रोल मिले लेकिन बड़ा रोल नहीं मिला। इससे परेशान होकर, सबकुछ छोड़ खेती करने का मन बनाया।

मुंबई। 1988 में टीवी पर 'महाभारत' नाम से धार्मिक सीरीयल प्रसारित हुआ। इसमें श्रीकृष्ण का रोल एक्टर नीतीश भारद्धाज को दिया गया। उनका निभाया ये रोल इतना पसंद किया गया कि देश में लोग उन्हें 'रियल भगवान' समझ पूजने लगे। जहां-जहां वह जाते लोग उनकी आरती उतारते, पूजा करते, माला पहनाते और महिलाएं उनके चरण स्पर्श को लालायित रहतीं। इस तरह की पॉपुलैरिटी शायद ही किसी भारतीय एक्टर को मिली हो। हालांकि उनकी ये अविश्वसनीय पॉपुलैरिटी उनके लिए दुखदायी हो गई।

नीतीश भारद्धाज को इस अप्रितम प्रसिद्धी का जितना फायदा मिलना चाहिए था, नहीं मिला। श्रीकृष्ण के रोल में एक अलग पहचान बनने के कारण उन्हें धार्मिक किरदारों के लिए ही चुना गया। 'महाभारत के बाद उन्होंने 'गीता रहस्य' में देखा गया। इसके बाद धारावाहिक 'विष्णु पुराण', 'रामायण'2003, 'मन में है विश्वास' और 'अजब गजब घर जवांई' में कृष्ण के रूप में देखा गया।

श्रीकृष्ण का रोल कर ये एक्टर बना 'भगवान', पर खत्म हुआ फिल्मी कॅरियर, सबकुछ छोड़ करने लगा खेती

टीवी छोड़ चले गए खेती करने

नीतीश भारद्धाज को फिल्मों और टीवी सीरीयल्स में छोटे-छोटे रोल मिले लेकिन बड़ा रोल नहीं मिला। इससे परेशान होकर नीतीश ने सबकुछ छोड़ खेती करने का मन बनाया। इस खेती करने के दौर में उन्होंने सामाजिक काम किए और राजनीति से दूर रहे। हालांकि निर्देशन में भी उन्होंने हाथ आजमाया।

श्रीकृष्ण का रोल कर ये एक्टर बना 'भगवान', पर खत्म हुआ फिल्मी कॅरियर, सबकुछ छोड़ करने लगा खेती

बीजेपी का थामा दामन
1996 में नीतीश बीजेपी के टिकट पर जमशेदपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बन गए। हालांकि इसके बाद जब दुबारा चुनाव लड़ा तो मुकाबला कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह से था। इस चुनवा उन्हें हार का सामना करना पड़ा। फिर नीतीश ने राजनीति भी छोड़ दी।

फिल्मों में मिले छोटे रोल

टीवी धारावाहिकों के अलावा नीतीश को कुछ फिल्मों में छोटे—छोटे रोल भी मिले। इनमें 'मोहनजोदड़ो 2016 और 'केदारनाथ' में मिले रोल शामिल हैं। इसके अलावा नीतीश थियेटर में भी एक्टिव हैं। 'चक्रव्यूह' नाम के उनके प्रोड्क्शन से वह अपनी अभिनय प्रतिभा को जगाए हुए हैं।

सब छोड़ अब करते हैं ये काम

नीतीश ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने जीवन के लक्ष्य को लेकर बात की। उनका कहना है कि अब उनका दुबारा सिनेमा या टीवी में अभिनय का मन नहीं है। ना ही वह अब राजनीति में जाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य अब कुछ नया करने का है। उन्होंने पुणे में एक ऑर्गेनिक फार्म भी बनाया है। इसी को वह अपना 'स्वर्ग' बनाना चाहते हैं। नीतीश फिलहाल एक हिन्दी फिल्म बना रहे हैं।

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