टीवी स्टार्स बोले-शिक्षक की तरह है यह कोरोना महामारी, सिखाए जिंदगी के अहम सबक

By: Mahendra Yadav
| Published: 05 Sep 2020, 06:20 PM IST
टीवी स्टार्स बोले-शिक्षक की तरह है यह कोरोना महामारी, सिखाए जिंदगी के अहम सबक
टीवी स्टार्स बोले-शिक्षक की तरह है यह कोरोना महामारी, सिखाए जिंदगी के अहम सबक

कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में सभी स्टार्स घर पर परिवार के साथ रहे। इस दौरान उन्होंने कई नई चीजों में भी हाथ आजमाया। साथ ही इस महामारी ने उनको कई तरह के सबक और सीख भी दी। शिक्षक दिवस के मौके पर टीवी स्टार्स ने कहा कि यह महामारी हर किसी के लिए शिक्षक की तरह है।

कोरोना महामारी का असर सभी पर हुआ है, चाहे वह स्टार हो या आम आदमी। कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में सभी स्टार्स घर पर परिवार के साथ रहे। इस दौरान उन्होंने कई नई चीजों में भी हाथ आजमाया। साथ ही इस महामारी ने उनको कई तरह के सबक और सीख भी दी। शिक्षक दिवस के मौके पर टीवी स्टार्स ने कहा कि यह महामारी हर किसी के लिए शिक्षक की तरह है। उन्होंने बताया कि महामारी ने उन्हें क्या—क्या सिखाया।

टीना फिलिप

महामारी ने मुझे जीवन में साधारण चीजों का जैसे की खाना, अपने लिए समय निकालना का महत्व सिखाया है। इसके अलावा, अच्छे स्वास्थ्य और मेरे सिर पर छत के लिए आभारी होना भी सिखाया। बहुत से लोग किराए का भुगतान करने में असमर्थ होने के कारण मुंबई छोड़ गए। मुझे लगता है कि महामारी हर किसी की शिक्षक रही है और उसने सभी को कुछ जीवन के सबक सिखाए हैं।

राहुल शर्मा

लॉकडॉउन में मैंने सीखा कि खुद के बारे में जानना और दूसरों के साथ—साथ खुद के लिए वक्त निकालना कितना ज़रूरी होता है। इस महामारी के दौरान मैंने बहुत सी नई चीजें सीखीं। मैंने अपना यूट्यूब चैनल खोला और वहां अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके अलावा इस लॉकडाउन ने धीरज रखना और मानसिक रूप से मजूत रहना सिखाया।

टीवी स्टार्स बोले-शिक्षक की तरह है यह कोरोना महामारी, सिखाए जिंदगी के अहम सबक

पूजा सिंह
मैं आम तौर पर लोगों के आसपास रहना पसंद करती हूं और लॉकडाउन से पहले मैं भावनात्मक रूप से लोगों पर निर्भर थी। लॉकडाउन ने मुझे अधिक आत्मनिर्भर होना सिखाया है। अपने घर और अपने पालतू पशुओं की अकेले देखभाल की, जिससे मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा।

स्नेहा वाघ
यह समय सभी के लिए कठिन है। मैंने महसूस किया कि कैसे इस स्थिति ने सबकुछ रोक दिया और चीजें थम—सी गईं। हालांकि इस परिस्थिती से काफी कुछ सीख भी मिली। इस महामारी ने मुझे अधिक विनम्रता और दया के साथ हर किसी के साथ बात करना और व्यवहार करना सिखाया है। अब मैं लोगों के साथ अधिक सौम्य हूं क्योंकि हम नहीं जानते कि दूसरे व्यक्ति पर क्या गुजर रही है।


नमिश तनेजा
मुझे लगता है हम जिस तरह जीवन जीवन जी रहे थे, उसमें हम बहुत बिजी थे। परिवार के लिए समय नहीं था। महामारी ने सबकुछ स्थिर कर दिया। हम अपने दैनिक जीवन में बहुत तल्लीन थे और हमेशा कार्य सम्पाप्त करने की कोशिश में रहते थे। इस लॉकडाउन ने मुझे वर्तमान में पूरी तरह से जीवन जीना सिखाया और जीवन को हलके में ना लेना सिखाया। इसने मुझे सिखाया कि मैं अपने भविष्य को सुधारने की कोशिश में अपने वर्तमान ख़राब न करूं।