मासूम सपनों पर लगा बीमारी का ग्रहण, किडनी की बीमारी से जूझ रहा 14 साल का अभिषेक

मजदूर पिता ने भी मानी हार, बेटे की जिंदगी के लिए भटक रहा

By: madhulika singh

Updated: 18 Aug 2017, 04:40 PM IST

उदयपुर. होश संभाला तो गरीबी में, दूसरे बच्चों की तरह उसके पास कुछ नया नहीं था। दुनियादारी समझने लगा तो मां-पिता ने पढ़-लिख कर जिंदगी में कुछ करने के लिए ललक जगाई। परिवार को आगे बढ़ाने के लिए उस मासूम ने संकल्प लिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अच्छे नंबरों से 8वीं कक्षा पास करने वाले गरीब परिवार के अभिषेक वैष्णव को किडनी के रोग ने घेर लिया। चिकित्सकों ने दोनों किडनी खराब बता दी तो मजदूर पिता शंभूदास के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुराना आरटीओ ऑफिस क्षेत्र में मीरानगर स्थित मकान में रहने वाले शंभूदास ने दोगुनी मजदूरी कर बच्चे का उपचार करने का बीड़ा उठाया और उसकी जिंदगी को काबिल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए मगर बुरे समय ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। पत्थर उठाने जैसी ज्यादा मजदूरी के दौरान ही शंभूदास को रीढ़ की हड्डी में एेसा जख्म दिया कि वह खुद दूसरों पर आश्रित हो गया। बीमारी एवं ऑपरेशन के बाद अब उसकी शारीरिक हालत ठीक नहीं है। वह १४ साल के अभिषेक को लेकर भटक रहा है। किडनी के लिए दानदाता ढूंढ़ रहा है तो इलाज के नाम पर खर्च होने वाले लाखों रुपए जुटाने के लिए वह मजबूर है।

 

READ MORE: UDAIPUR PRIDE: उदयपुर का ये हैंडबॉल खिलाड़ी लंदन में करेगा भारत का प्रतिनिधित्व 

 


हर जगह मिली निराशा
कहने को शंभूदास के परिवार में दो बेटे एवं एक बेटी है। किडनी रोगी बेटा परिवार के बच्चों में दूसरे क्रम पर है। अब तक के रिकॉर्ड के अनुसार अभिषेक हमेशा से 'ए' ग्रेड पास हुआ है। करीब १ साल से बीमारी का दंश झेल रहे अभिषेक को मजदूर पिता ने एमबी चिकित्सालय में दिखाया। इसके बाद उदयपुर और अहमदाबाद स्थित निजी अस्पताल में दिखाया, लेकिन उपचार के लिए लाखों रुपए की जरूरतों ने उसके सपनों को चूर कर दिया। चिकित्सकों की मानें तो ट्रांसप्लांट के लिए करीब 10 लाख रुपए का खर्च आना है।

 

READ MORE: उदयपुर में एक ही स्कूल के 6 जनों को स्वाइन फ्लू

 

अभिषेक बोला, वह जीना चाहता है
इलाज को लेकर दर-दर की ठोकरे खा रहा अभिषेक सहमा रहता है। उसमें परिवार के लिए कुछ करने की ललक भी है। वह कहता है कि उसे पढऩा-लिखना है। परिवार का नाम रोशन करना है। उसके मजदूर पिता पर वह बोझ नहीं बनना चाहता। उसकी इन बातों ने लोगों को भी उसकी आंखों में झांकने को मजबूर कर दिया है। अभिषेक की जिंदगी को अब एेसे भामाशाह की जरूरत है जो उसे किडनी दिला दे और उपचार के लिए आर्थिक मदद भी कर दे।

madhulika singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned