लॉकडाउन के 23 दिन/ फोटो...पांच हॉस्पिटलों की सामान्य ओपीडी, पहुंचे 56 हजार बीमार

- महाराणा भूपाल हॉस्पिटल से संबद्ध किसी भी हॉस्पिटल का आउटडोर बंद नहीं किया तो मरीजों को मिला समय पर उपचार

- कोविड- 19 के संक्रमण के बीच डटे रहे हमारे चिकित्सक योद्धा

By: bhuvanesh pandya

Published: 18 Apr 2020, 11:49 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. इन्हें अपनी फिक्र तो मानो थी ही नहीं, इसलिए कि ये योद्धा पूरी वीरता के साथ जैसे समर में डटे रहे, ऐसे जैसे किसी बड़ी लड़ाई में जुट गए हो, भले ही उनके सामने मजबूत, अदृश्य और खतरनाक दुश्मन लोहा लेने खड़ा हैं। ये बात दीगर है कि उनके पास ना तो माकू  ल हथियार है और ना ही अपनी सुरक्षा ढाल, लेकिन क्या फर्क पड़ता है। एक बार जिस राह चल पड़े हारकर तो उन्होंने लौटना ही नहीं सीखा। ये ऐसे सभी चिकित्सकों के हिम्मत की दास्तान है, जो कोविड 19 के संक्रमण के इस दौर में भी नियमित ओपीडी संभाल रहे हैं, लॉकडाउन के बीते 23 दिनों में इन पांच चिकित्सालयों के चिकित्सकों ने एक दो नहीं बल्कि 56 हजार मरीज देखे हैं, उनका उपचार किया है। वाह सेल्यूट है आप सभी को....जनता और पत्रिका आपको सलाम करते हैं।

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ये है असली हालात: - जिस हॉस्पिटल के पास से गुजरने में आम व्यक्ति इन दिनों गुरेज करता है, हर कोई कहता है कि कोरेाना वार्ड में मरीज भरे पड़े हैं, कौन मरने जाएगा वहां। हर कोई यहां से संभलकर निकलने की सलाह देता है, मशवरे में सुरक्षित रहने के टिप्स मिल जाते हैं, लेकिन इन सभी बातों से अनजान ये चिकित्सक अपने काम में डटे हुए हैं।

- कोरोना की धमक के साथ ही अधिकांश बड़े चिकित्सालयों में ओपीडी बंद हो चुके थे, इसके बाद भी उदयपुर आरएनटी प्रशासन ने किसी भी हॉस्पिटल की ओपीडी को बंद नहीं होने दिया। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर हॉस्पिटलों ने अपनी ओपीडी को बंद कर दिया था, फिर भी यहां आउटडोर नियमित चलता रहा।

- समीप के गांवों से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी।

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महाराणा भूपाल हॉस्पिटल, पन्नाधाय जनाना हॉस्पिटल, टीबी हॉस्पिटल बड़ी, खेमराज कटारा राजकीय चिकित्सालय हिरणमगरी और अम्बामाता स्थित सुन्दरसिंह भंडारी जिला चिकित्सालय के आउटडोर में 24 मार्च से 15 अप्रेल तक 55760 मरीज आउटडोर में उपचार के लिए पहुंचे। इन हॉस्पिटलों में मेडिसिन, स्कीन, सर्जरी, आई, इएनटी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी सहित विभिन्न ओपीडी संचालित हैं।

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कम हो गए हैं एक लाख रोगी कोरोना इफेक्ट: इतने ही दिनों में लॉक डाउन से पहले की बात की जाए तो कुल 1 लाख 54 हजार 515 रोगी पहुंचे थे, जबकि कोरोना संक्रमण के दौर में 55760 मरीज हॉस्पिटलों की दहलीज तक पहुंचे। आंकड़ों की मानी जाए तो नियमित ओपीडी में पहुंचने वाले रोगियों की तुलना में एक लाख मरीज कम हो गए हैं। ऐसे में यदि दोनों समय की औसत ओपीडी निकाली जाए तो संक्रमण काल में दैनिक 2424 और सामान्य दिनों में 6692 मरीज आउटडोर में उआए हैं।

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24 मार्च से 15 अप्रेल तक कुल रोगी- लॉक डाउन में 55760- 21 फरवरी 15 मार्च तक कुल रोगी- लॉक डाउन से पहले- 154515

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फेक्ट फाइल - हॉस्पिटल नाम- 24 मार्च से 15 अप्रेल - 21 फरवरी 15 मार्च

- एमबी एच- 31101- 95490-

पन्नाधाय जनाना- 3894- 7886

- टीबी हॉस्पिटल बड़ी-439-2137-

सेटेलाइट हिरणमगरी- 13249- 32207

- सेटेलाइट चांदपोल - 7077-16195-

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नियमित आडटडोर चलाना बेहद जरूरी था। कोरोना को छोडकऱ अन्य ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंचे है, ये सामान्य ओपीडी में पहुंचने वाले बीमार और जरूरत मंद लोग हैं, समय चाहे कोई भी हो हम उनका हाथ और साथ कैसे छोड़ सकते हैं। ये ख्याल तो हमें रखना ही था। ये पूरी टीम का जज्बा है कि इस समय भी टीक का हर साथी पूरी शिद्दत से काम में जुटा हुआ है।

डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर

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