प्रतिनियुक्ति पर लगे तीनों डॉक्टर दो दिन से नदारद

आयुष चिकित्सक के भरोसे जनता, झाड़ोल सीएचसी के हाल बेहाल, सभी रोगियों को भेज रहे उदयपुर, चिकित्सकों को नहीं किसी का डर

By: Pankaj

Published: 06 Jan 2020, 01:53 AM IST

झाड़ोल . उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डॉक्टर के नहीं होने से चिकित्सालय के हालात बुरे हैं। कहने को तो उपखण्ड मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, लेकिन कार्यरत स्टाफ एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के बराबर भी नहीं है। यहां प्रतिनियुक्ति पर तीन डॉक्टर लगे हैं, तीनों ही नदारद हैं।

दो दिन से डॅाक्टर की मौजूदगी नहीं होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर नहीं होने से रात को गंभीर हालत में आने वाले रोगियों को भटकना पड़ रहा है। मौजूद नर्सिंग कर्मचारियों की ओर से ईलाज उपलब्ध कराने से इनकार कर देने पर तिमारदार मरीजों को उदयपुर ले जाने को मजबूद है।
इन दिनों ठण्ड का प्रकोप अधिक होने से प्रतिदिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर १५०-२०० मरीज पहुंच रहे हैं। सुबह 9 से दोपहर १ बजे तक एक आयुष डॉक्टर की ओर से ही उपचार दिया जा रहा है।
पहले था शुभमंगला का डर

तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी के पद पर प्रशिक्षु आईएएस डॉ. शुभमंगला रही तब तक चिकित्सालयों में एक नहीं दो-दो डॉक्टर ओपीडी में बैठे मिलते थे। प्रशिक्षु आईएएस के झाड़ोल से हटते ही भय खत्म हो गया। अब डॉक्टर मौजूद नहीं रहते। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।

झोलाछाप को मिल रहा बढ़ावा
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लम्बी कतारें लगने और डॉक्टर की गैर मौजूदगी से झोलाछाप डॉक्टरों को बढ़ावा मिल रहा है। नहीं चाहते हुए भी लोग झोलाछाप के क्लिनिकों पर जाने को मजबूद है। गोगला, बदराणा, खाखड़, मगवास, दमाणा, लूणावतों का खेड़ा, कन्थारिया, सैलाणा, माकड़ादेव, देवास, गोराणा, चन्दवास, ब्राह्मणों का खेरवाड़ा, झाड़ोल, कोचला, सुलतान जी का खेरवाड़ा, गोदाणा ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों के मरीज आहत हैं।
एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं

उपखण्ड क्षेत्र में ५ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झाड़ोल, फलासिया, कोल्यारी, ओगणा, मादड़ी में से एक में भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। झाड़ोल में वर्ष २००८ से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। यहां आने वाली प्रसूताओं को नर्सिंग स्टाफ के भरोसे ही रहना पड़ता है। कई बार सामान्य प्रसव की स्थिति में भी प्रसूता को रेफर कर दिया जाता है। जिला मुख्यालय से दूरी के चलते कई बार बीच राह में ही १०८ एम्बुलेंस में प्रसव हो जाता है।

यहां नियुक्त डॉक्टर हरिओम चौधरी गायब है। उससे सम्पर्क कर रहे हैं, लेकिन फोन नहीं लग रहा है। अन्य डॉक्टर पीजी परीक्षा देने गए हैं। एक-दो दिन में व्यवस्था सुधर जाएगी। झाड़ोल ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से कोल्यारी में कार्यरत वरदी चन्द को झाड़ोल लगाने के लिए आदेश करवा दिया है।
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर

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