उदयपुर की अपूर्वी चन्देला बनी दुनिया की नंबर वन निशानेबाज, खुशी से झूमा परिवार

उदयपुर की  अपूर्वी चन्देला बनी दुनिया की नंबर वन निशानेबाज, खुशी से झूमा परिवार

Mukesh Hingar | Publish: May, 02 2019 03:03:36 PM (IST) | Updated: May, 02 2019 03:05:22 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर की अपूर्वी चंदेला ने आईएसएसएफ विश्व रैंकिंग में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में पहला पायदान हासिल किया। इसकी को लेकर जब राजस्थान पत्रिका ने उदयपुर स्थित उनके आवास पर परिवार जनों से बात की तो उनका यह कहना था....

मुकेश हिंगड़/उदयपुर. सुबह फोन घनघनाया और मसलती आंखों से जब उसे सुनना शुरू किया तो पलभर के लिए ऐसा लगा मानो हम आसमां से ऊपर उठ गए हों। उसकी मां को जब ये खुशी बांटी तो वह नांच उठी जैसे। सूचना मिलते ही दोनों घर के पूजाघर में गए और हाथ जोडकऱ ईश्वर से कहा कि ये केवल आप ही कर सकते हैं। आपका शुक्रिया।

यह कहना है अपूर्वी के पिता कुलदीप चंदेला का। पत्रिका से बात करते हुए वे काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बेटियां बड़ी बेटी तेजस्वी और छोटी अपूर्वी उनका गर्व हैं। अपूर्वी के लिए कहा कि उसका जन्म तो हमें दुनिया घुमाने के लिए ही हुआ है। भारत की महिला निशानेबाज अपूर्वीसिंह चंदेला ने दस मीटर एयर राइफल के विश्व रैंकिंग में पहला स्थान हासिल कर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवा दिया।

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उदयपुर के चांदपोल में मनाया गया जश्न

उधर जैसे ही अपूर्वी ने जैसे ही विश्व विजेता की रैंक पर निशाना साधा तो उदयपुर के चांदपोल स्थित उसके परिवार में खुशी का माहौल था। जैसे ही उन्हें सूचना मिली तो पूरा परिवार अम्बामाता और जाड़ा गणेशजी के द्वार पहुंचा। ईश्वर का आभार जताया कि बेटी इसी तरह पूरी दुनिया में अपने परिवार का डंका बजाती रहे। उसके बड़े पापा विक्रमसिंह ने बताया कि उसकी 94 वर्षीय दादी कैलाशकुमारी भी खुशी से झूम उठी। उसमें अपूर्वी के ताऊ-ताई, चाचा-चाची शामिल हो गए। उसमें अपूर्वी के पिता के भाई विक्रमसिंह सहित रणवीरसिंह, रणधीरसिंह और जयदीप सिंह सहित परिवार के साथ शामिल होकर एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाते रहे।

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मां बोली- मुकाबले से पूर्व एकाग्रता पर देती है जोर

अपूर्वी की मां बिन्दु राठौड़ ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि अपूर्वी उसके हर मुकाबले से पहले साइलेंट जोन में चली जाती है, यानी किसी से तब तक बात नहीं करती जब तक मुकाबला पूरा ना हो जाए। राठौड़ ने बताया कि दो साल पहले अपूर्वी की रैंक 25 वीं थी, काफी पीछे चली गई थी, लेकिन उसने अपना धैर्य, अपना हौसला नहीं खोया। वह जानती है कि हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने उसके विश्व विजेता बनने का कारण उसकी मेहनत और ईश्वर का उस पर आशीष बताया। अपनी बेटी अपूर्वी के साथ सर्वाधिक समय बिताने वाली मां बिन्दु राठौड़ बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद खुश थी। उन्होंने कहा कि दो वर्ष में उसका ग्राफ अच्छा चल रहा था। हर मुकाबले में फाइनल में पहुंचती रही। लगातार विजेता रहने के कारण वह अपना सपना पूरा कर सकी। इससे पहले वह वल्र्ड रैंक छह पर फिर तीन पर पहुंची थी।

विफलताओं से घबराती नहीं

राठौड़ ने कहा कि उसमें बहुत हिम्मत है, वह विफलताओं से घबराती नहीं। ये केवल भगवान जगन्नाथ की कृपा है। यहां पिता कुलदीप बोले हमने कुुछ अच्छे कुछ पुण्य किए होंगे जो हमें अपूर्वी मिली। उन्हें इसकी जीत का भरोसा था कि एक दिन अपूर्वी ये काम कर दिखा देगी, बोले विदेशी धरती पर जब धुन बजती है और तिरंगा लहराता है तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है कुलदीपक का। उन्होंने बताया कि अपूर्वी मई माह में जर्मनी में रहेगी व 26 मई को विश्व कप खेलेगी। फिलहाल वह दिल्ली है।

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