ये क्या यहां नकदी मिलने से पहले ही काट रहे हैं किसानों की जेब

25 रुपए के टोकन के बदले 2 सौ रुपए तक पहुंची अवैध वसूली, ई-मित्र पर ऑनलाइन आवेदन के नाम पर ठगी, खाता संख्या नहीं देकर दे रहे हैं जमाबंदी नकल

By: Sushil Kumar Singh

Published: 10 Mar 2019, 11:31 PM IST

उदयपुर/ झाड़ोल. प्रधानमंत्री किसान योजना के नाम पर लोगों की जेब ढीली हो रही है। ऑनलाइन आवेदन के नाम पर ई-मित्र केंद्रों पर किसानों से औने-पौने दाम वसूले जा रहा है। बात यहां तक नहीं रूकती जमाबंदी खाता संख्या के नाम पर भी किसानों को कुछ न कुछ अदायगी देनी पड़ रही है। ऐसे में योजना की क्रियान्वित से पहले हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर हर स्तर पर प्रशासन मौन साधे हुए है। कायदे के अनुसार ऑनलाइन आवेदन के नाम पर ई-मित्र संचालक २५ रुपए का शुल्क ले सकते हैं, जबकि जमाबंदी शुल्क के नाम पर 10 रुपए वसूली का प्रावधान है।

कोई रोक नहीं, मनमानी वसूली
आलम यह है कि टोकन मनी के नाम पर ई-मित्र में 25 की जगह 100 से 200 रुपए तक की वसूली हो रही है। इसी प्रकार जमा बंदी संख्या को बनाकर देने की बजाए पटवार कार्यालय में किसानों को पूरी जमाबंदी की नकल थमाई जा रही है। यहां 10 रुपए के बदले 50 रुपए एवं इससे अधिक वसूली की जा रही है। ई-मित्र केंद्रों पर तो किसानों की आवक को देखते हुए राज्य सरकार से अधिकृत दर का चार्ट भी हटा दिया गया है।
दे सकते हैं स्लीप
नियमानुसार किसान को आवेदन के लिए सिर्फ खाता संख्या चाहिए। पटवारी चाहे तो सिर्फ खाता संख्या स्लीप पर लिख कर दे सकता है। पूरी जमाबन्दी की आवश्यकता नही है। जमाबंदी शुल्क से अधिक राशि लेना गलत है।
नन्दलाल सुथार, ऑफिस कानूनगो
तहसील झाड़ोल

Sushil Kumar Singh
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