गरीब किसान से सरपंच 25 हजार रूपए की मांग रहा था रिश्वत, इस तरह एसीबी ने धरदबोचा

गरीब किसान से सरपंच 25 हजार रूपए की मांग रहा था रिश्वत, इस तरह एसीबी ने धरदबोचा

rohit sharma | Publish: Sep, 12 2018 06:23:00 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

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उदयपुर.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की उदयपुर टीम ने मंगलवार को राजसमंद जिले के मदारिया ग्राम पंचायत (देवगढ़) के सरपंच दिलीप टांक को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गांव में गिरफ्तार किया। आरोपी ने यह राशि गरीब किसान से गांव में अलग-अलग जगह पर खरीदी गई जमीन के नामांतरण खोलने के एवज में लेने की बात कही थी।

25 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया गया
किसान ने यह जमीनें अपनी उपजाऊ बड़ी जमीन को कम कीमत पर बेचकर खेती के लिए खरीदी थी। बेची जमीन की राशि में से उसने घर में बीमारी व शादी ब्याह निपटाया और टुकड़ों टुकड़ों में छह जगह जमीन ली। एसीबी उपाधीक्षक राजीव जोशी ने बताया कि पंचायत समिति देवगढ़ के ग्राम पंचायत मदारिया के सरपंच मालियों का वास निवासी दिलीप पुत्र पूनमचंद टांक को गांव के ही अम्बालाल पुत्र कजोड़ी गुर्जर से 25 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया गया ।

प्रति जमीन 5 हजार रुपए की रिश्वत
परिवादी अंबालाल गुर्जर ने घर में बीमारी व शादी ब्याह होने पर अपनी जमीन को कम कीमत में बेच दी। कुछ पैसों से काम निकलने के बाद उसने खेती के लिए अलग-अलग जगह पर बीघा, डेढ़ बीघा जमीनों के अलग-अलग छह टुकडे़ खरीदे। भैरूखेड़ा गांव में गत 6 सितम्बर को उसने कानाराम पुत्र छगनदास स्वामी से 20 हजार बीघा में जमीन खरीदी। इस जमीन का नामांतरण के लिए सरपंच दिलीप टांक से मिला तो उसने पूर्व में 6 जमीनों व वर्तमान सातवीं जमीन सहित प्रति जमीन के 5 हजार रुपए की रिश्वत बतौर 35 हजार रुपए मांगें।

गरीबी की दुहाई देकर करता रहा गुहार
कृषक अम्बालाल ने गरीबी की दुहाई के साथ की कुल पांच हजार लेने की बात कहीं तो वह धमकी भरे लहजे में फटकाने लगा और खुले रूप से पूरे पैसों की मांग की। परिवादी के काफी आग्रह पर वह 25 हजार पर रजामंद हुआ। परिवादी अम्बालाल ने इस संबंध में उदयपुर पहुंचकर सोमवार को एसीबी कार्यालय में शिकायत की। टीम ने सत्यापन पुष्टि के बाद सरपंच को गांव में ही धरदबोचा।

 

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