तीन माह में छह बार हुए विद्युतकर्मियों पर हमले

बिजली चोरी पकडऩे जाने वाली टीमें रहती हैं भयभीत, लॉकडाउन और बढ़ी बिजली दरों का साइड इफेक्ट

By: Pankaj

Updated: 24 Dec 2020, 12:55 AM IST

उदयपुर. कोरोना काल के चलते लॉकडाउन और इसी दरमियान बढ़ी बिजली दरों का साइड इफेक्ट बीते महीनों में देखने को मिला है। अनलॉक होने के बाद विद्युत निगम कर्मचारियों ने जहां वसूली अभियान तेज किया, वहीं बिजली चोरी की रोकथाम पर भी अभियान प्रभावी रूप से चलाया। नतीजा ये निकला कि विद्युतकर्मियों पर हमले बढ़ गए। जहां पिछले सालभर में इक्का-दुक्का जगह घटना हुई, वहीं बीते चार महीनों में पांच बार विद्युतकर्मियों को मुंह की खानी पड़ी।
मार्च में लॉकडाउन हुआ, वहीं उसी दरयामिन बिजली दरों में भी बढ़ोतरी की गई। चूंकि लॉकडाउन में आमजन को राहत देने के लिए सरकारी आदेश पर बिजली बिलों की वसूली नहीं की गई। वसूली मई-जून में होने पर भारी भरकम राशि के बिल आने पर लोगों में आक्रोश देखा गया। इस दरयामिन बिल जमा नहीं कराने वालों को चेतावनी के साथ कुछ मोहलत दी गई। इसके बावजूद बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की गई। यही नहीं, अभियान चलाकर बिजली चोरी पर भी छापामार कार्रवाई की गई। नतीजा ये है कि कई जगहों पर विद्युतकर्मियों पर हमले हुए। कहीं धक्का-मुक्की तो कहीं गंभीर मारपीट के मामले भी सामने आए।
केस 01 - एक माह पूर्व माछला मगरा जरीना नगर कच्ची बस्ती में बिजली चोरी पकडऩे गई टीम से बदसलूकी हुई। महिलाओं ने अपशब्द कहते हुए निगमकर्मियों को खूब खरीखोटी सुनाई।
केस 02 - मावली के पलाना कलां में पिछले माह विद्युत कनेक्शन काटने गई टीम के साथ मारपीट हुई। निगमकर्मियों ने पुलिस में मामला दर्ज कराने के साथ ही आक्रोश जताया था।
केस 03 - दो माह पूर्व बडग़ांव में बिजली चोरी की सूचना पर कनेक्शन हटाने पहुंचे विद्युत कर्मचारियों के साथ मारपीट हुई। कर्मचारियों ने एक व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस केस दर्ज कराया था।
केस 04 - बडग़ांव एइएन के अधीन ही रामा गांव में विद्युत कर्मचारी कनेक्शन काटने पहुंचे थे। कर्मचारियों के साथ मारपीट हो गई। इसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया।

पुलिस केस कराए गए
विद्युत चोरी ऐसा अपराध है, जो हर कोई करना चाहता है। विद्युत चोरी को लेकर लगातार कार्रवाई की जाती है। बिल जमा नहीं कराने वालों के भी कनेक्शन काटे जाते हैं। कई बार विजिलेंस टीमों पर हमला हो जाता है। कर्मचारी परेशानी में जिम्मेदारी निभाते हैं। बीते तीन-चार माह में हुई घटनाओं में आरोपियों के विरुद्ध पुलिस केस भी कराए हैं।

गिरीश कुमार जोशी, एसइ, एवीवीएनएल

गैर जमानती अपराध मानें
निगम कर्मचारी दोहरे दबाव में काम कर रहे हैं। एक ओर सरकार निगम को फंड की मदद समय पर नहीं करती, दूसरी ओर कर्मचारी पर अधिकाधिक वसूली का लक्ष्य होता है। कनेक्शन काटने, चोरी पकडऩे के दौरान मारपीट की घटनाएं बढ़ी है। कर्मचारियों की सुरक्षा बढऩी चाहिए। इसे गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाना चाहिए।

वाईके बोल्या, रिटायर्ड एसइ, एवीवीएनएल

आमजन करे सहयोग
फील्ड में जो भी अभियंता राजस्व वसूली आदि कार्य करने जाते हैं, उन पर असामाजिक तत्वों की ओर से दुव्र्यवहार होता है। उचित सुरक्षा मुहैया होनी चाहिए। लीगल सपोर्ट मिले ताकि कार्रवाई हो। आमजन से भी अपील है कि राजकीय सेवा में जिम्मेदारी निभाने जाते हैं, सहयोग करना चाहिए। व्यक्तिगत द्वेषता निगमकर्मी का उद्देश्य नहीं होता।

एके झा, संयोजक, फेडरेशन ऑफ राजस्थान इंजीनियर्स एसोसिएशन

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