video: 19 किमी, 78 पेच, किनारों से गुरेज.. ये हैं NH32 सड़़कों के हाल, अगर आप भी जाएं इस रूट से तो संभल जाएं..

Sushil Kumar Singh

Publish: Oct, 13 2017 07:22:44 (IST) | Updated: Oct, 13 2017 07:24:44 (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
video: 19 किमी, 78 पेच, किनारों से गुरेज.. ये हैं NH32 सड़़कों के हाल, अगर आप भी जाएं इस रूट से तो संभल जाएं..

- सार्वजनिक निर्माण विभाग सलूम्बर खण्ड की लापरवाही, बांसवाड़ा-उदयपुर वाया सलूम्बर से जयसमंद मार्ग की बदहाली

 

उदयपुर . बांसवाड़ा से उदयपुर वाया सलूम्बर-जयसमंद राजमार्ग संख्या 32 पर बिखरी गिट्टी और बरसात से हुए गड्ढ़ों को भरने के नाम पर सार्वजनिक निर्माण विभाग खण्ड सलूम्बर में कायदों का हवाला देकर किरदार निभाया जा रहा है। सडक़ पर हुए गड्ढों को पेचवर्क कर समतल करने में जुटे विभागीय अभियंता सडक़ के कटे किनारों को सुधारने से गुरेज कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में कुछ ऐसी ही सच्चाई सामने आई। पड़ताल में सामने आया कि सलूम्बर नगर को जीरो मानकर जयसमंद (19/0 किलोमीटर) तक वाहनों की क्षमता के हिसाब से सडक़ के मध्य हिस्से में आने वाले गड्ढों को भरकर उनमें डामर का मरहम लगाया जा रहा है। करीब 19 किलोमीटर के टुकड़े पर विभाग ने पेचवर्क के नाम पर 78 जगहों पर लेप लगाया है यानी प्रति एक हजार मीटर पर 4 बड़े पेच वर्क जरूर किए गए, लेकिन सडक़ के हालात कुछ ओर ही हकीकत बयां करते हैं।

किनारे छोड़े, गड्ढे भी
पड़ताल में सामने आया कि सलूम्बर से जयसमंद की ओर बढ़ते समय अदकालिया पावर हाउस के समीप विकट मोड़ पर दाहिने छोर पर कटावदार सडक़ का किनारा छूटा हुआ है। ऐसा ही हाल कुछ आगे होटल के बाहर है। आबादी बस्ती में आने वाले डिवाइडर के आधे हिस्से पर पेचवर्क अधूरा ही छोड़ दिया गया। तेजी से आते वाहन डिवाइडर के एक छोर पर फिसलन का शिकार हो रहे हैं। कटाव वाले किनारों पर साइड देने के दौरान वाहनों का टायर कटने एवं दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाएं बनी हुई हैं। मार्ग के दोनों छोर पर बरसात में उग आई जंगली झाडिय़ों से मोड़ पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देने की समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन पेचवर्क में जुटे विभाग के पास इन समस्याओं को दूर करने का कोई माध्यम नहीं है। पेच कार्य के स्वीकृत बजट का उपयोग केवल उसी कार्य में पूरा करने की जवाबदारी यहां निभाई जा रही है।

 

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कौन जांचें गुणवत्ता
पेचवर्क की गुणवत्ता को लेकर भी ढिलाई बरती गई है। पेचवर्क से पहले गड्ढ़ों में जमा मिट्टी को उड़ाने और रोलर चलाने जैसी शर्तों का उल्लंघन हो रहा है। गरम डामर मिक्स गिट्टी को गड्ढों में भरकर वाहनों के पहियों से दबाने के लिए छोड़ दिया गया है। गौरतलब है कि विभाग स्तर पर सामूहिक पेचवर्क का पैकेज बनाकर यह कार्य एक संवेदक को सौंपा गया है।

दायरे में नहीं किनारे
पेचवर्क में किनारे भरना शामिल नहीं है। आरएसआरडीसी के प्रस्ताव वाली सडक़ पर पेच निकालने की जिम्मेदारी ही हमें मिली है। पैकेज में संबंधित संवेदक एजेंसी को जिम्मा दिया गया है।

शांतिलाल खटीक, अधिशासी अभियंता, सलूम्बर

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