मेवाड़ में पक्षियों के लिए जन्नत हैं बड़वाई तालाब, यहां पहुंचते हैं प्रवासी पक्षी

मेवाड़ में पक्षियों के लिए जन्नत हैं बड़वाई तालाब, यहां पहुंचते हैं प्रवासी पक्षी

Mukesh Hingar | Publish: Dec, 19 2017 02:02:08 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

-बड़वाई का तालाब पक्षियों के लिए स्वर्ग है। इस तालाब में गांव के गंदे नालों का पानी नहीं गिरता है जिससे यह प्रदूषणमुक्त है और ग्रामीणों की आस्था ने भी

उदयपुर . बड़वाई का तालाब पक्षियों के लिए स्वर्ग है। इस तालाब में गांव के गंदे नालों का पानी नहीं गिरता है जिससे यह प्रदूषणमुक्त है और ग्रामीणों की आस्था ने भी इस तालाब निर्मल बनाने के गांव का नाम गौरवान्वित किया है। प्रवासी पक्षियों के लिए यह गांव और उसका तालाब बहुत सुरक्षित जगह है।

 

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उदयपुर में अगले सप्ताह बर्ड फेयर का आयोजन होना है और इसमें आने वाले पक्षी प्रेमी के लिए बड़वाई का तालाब बर्ड वांचिंग का एक प्रमुख केन्द्र होगा। बड़वाई तालाब पर और गांव में देश-विदेश से पक्षी प्रेमी पहुंचते हैं इसलिए इसका नाम अब पक्षी प्रेमियों की सूची में शुमार है। उदयपुर-कानोड़ मार्ग पर स्थित बड़वाई चित्तौडग़ढ़ जिले की डूंगला तहसील का गांव है जो उदयपुर से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर है।

 

पानी सिंचाई के लिए नहीं जाता: तालाब की पाल कच्ची तथा पक्की दोनों ही तरह की है। आमजन का मानना है कि माल की भूमि भी इसके कैचमेंट में आती है। तालाब का पानी सिंचाई के लिए प्रयोग में नहीं लिया जाता है, फिर भी पानी तेजी से कम होता जा रहा है। पांच वर्ष पूर्व मामादेव नहर से पानी लाने का प्रयास किया गया परन्तु वर्तमान में नहर टूट चुकी है। तालाब की पाल पर ग्रामवासियों के स्नान के लिए घाट बना है।

गीज पक्षी खाते हैं विशेष घास
पक्षीविद् प्रदीप सुखवाल के अनुसार यह तालाब उथला है और जब पानी का स्तर घट जाता है तो एक विशेष प्रकार की घास पनपती है जिसे गीज पक्षी खाते हैं। सुखवाल कहते है कि जब पानी पूरी तरह से सूख जाता है तो उन स्थानों पर जगह-जगह गीज की ड्रोपिंग देखी जा सकती हैं जिससे यह सिद्ध होता हैं कि यह घास बहुत उपयोगी है।

 

टेंट लगाकर पर्यटक हैं रुकते
बड़वाई तालाब में पक्षी दर्शन के लिए प्रतिवर्ष देशी तथा विदेशी सैलानी आते हैं। कई पर्यटक व पक्षी प्रेमी टेंट लगाकर कुछ दिन रुकते हैं। कुछ साल पूर्व वन विभाग ने कुछ सदस्यों को पक्षी मित्र के रूप में ट्रेनिंग करवाई। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर के अनुसार अब ये दल वहां तालाबों पर अच्छा कार्य कर रहे हैं। बडवई के पक्षी मित्र पुखराज एवं टीम ने तालाब किनारे पौधरोपण किया। पक्षियों के लिए दो साल पहले तालाब बीच में टापू भी बनाया।

 

इन पक्षियों की रहती है रौनक
सडक़ किनारे इस तालाब तक पहुंचना आसान है। रोचक यह है कि तालाब के दोनों तरफ आवागमन के बावजूद गांव वालों की आस्था से पक्षी स्वयं को सुरक्षित मानते हैं। बड़वाई तालाब पर मूरहेन, स्पून बिल, ऑपन बिल स्टॉर्क, फ्लेमिंगो, कॉमन पॉचार्ड, वाइट पेलिकन, ब्लेक आईबिज, वूड सैण्डपाइवर, गोडविट, ब्राह्मणी एवं डक आदि विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं।

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