मानसून ने दी दस्तक, कहीं फिर टापू न बन जाए भाडेर

उपखण्ड मुख्यालय से सप्ताह-सप्ताह तक कट जाता है संपर्क
पांच वर्ष में भी नहीं बनी पुलिया
गत वर्ष ग्रामीणों ने पाइप डालने की मांग कर बन्द कराया था निर्माण

By: surendra rao

Published: 06 Jul 2020, 05:43 PM IST

उदयपुर. झाड़ोल. भाडेर क्षेत्र में वाकल नदी पर स्थित बिरोठी-ओड़ा मार्ग पर पुलिया का निर्माण ५ वर्ष में भी नहीं हो पाया है। गत वर्ष नदी पर रपट का निर्माण कराया जा रहा था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होना बता कर बन्द करा था। ग्रामीण पाइपलाइन डालने की मांग कर रहे थे, लेकिन विभाग के पास इसका बजट नहीं आया।
५ वर्षो से हर मानसून में भाडेर टापू बनकर उपखण्ड मुख्यालय से सप्ताह-सप्ताह तक कट जाता है। मानसून मे भी भाडेर क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार कर अपने काम के लिए तहसील मुख्यालय आना पड़ेगा। लोगों के लिए दूसरा विकल्प बिरोठी से ओगणा होकर झाड़ोल आने के लिए ४० किलोमीटर दूरी तय कर आना पड़ेगा।
बरसात में ओगणा होकर करीब १० किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। भाडेर से बिरोठी ३० किलोमीटर की दूरी पर है। बरसात में लोग ओगणा होकर बिरोठी पहुंचते हैं। पुलियों के अभाव में करीब ६-७ फीट पानी में उतर कर अभिभावक छात्रों को विद्यालय पहंचाते हैं।
एक वर्ष से अधूरा काम
बिरोठी गांव के बाहर बड़ा पुलिया है। विभाग ने रपट निर्माण की स्वीकृति जारी की। ग्रामीणों ने रपट का विरोध कर पाइप डालने की मांग की गई। इससे नदी में ज्यादा पानी होने पर भी आवागमन बाधित नहीं हो।
चाहिए १५ लाख का बजट
भाडेर में बिरोठी-ओडा मार्ग के बीच बना बिरोठी पुलिया का निर्माण चालू हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिया के पास रपट नहीं बनाकर ४० पाइप डालने की मांग की। इसके लिए १५ लाख रुपए बजट की जरूरत है। अब यहां गत वर्ष से काम बंद है।

surendra rao Desk
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