भगवान केसरियाजी के ऑनलाइन दान पेटी में 5620 ही दान आया

कोविड-19 के चलते अगस्त में ऑनलाइन दर्शन शुरू किए, प्रचार-प्रसार के अभाव में भक्तों को पता ही नहीं

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 23 Oct 2020, 11:23 AM IST

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. कोविड-19 से बंद हुए मंदिरों से भगवान के दर्शन से भक्त वंचित रह गए। ऋषभदेव स्थित भगवान केसरियानाथ के दर्शन के लिए देवस्थान विभाग ने ऑनलाइन दर्शन शुरू किए। भगवान के दर्शन के लिए तो ऑनलाइन भक्त पहुंचे लेकिन भगवान के ऑनलाइन दान पेटी में दान जरूर नहीं आ रहा है। असल में जब से यह व्यवस्था शुरू की है तब से अब तक मात्र 5620 रुपए का दान ही आया जबकि अमूमन मंदिर खुलते वक्त दान बड़ी मात्रा में आता था। दो महीने पहले शुरू की ऑनलाइन दर्शन में मात्र 2500 भक्तों ने दर्शन का लाभ लिया।

एक नजर में ऑनलाइन दर्शन
- 15 अगस्त 2020 से शुरू किए ऑनलाइन दर्शन
- 5620 रुपए का अब तक ऑनलाइन दान आया
- 2500 भक्त ऑनलाइन जुड़ेे
- 31 अक्टूबर 2020 तक अभी मंदिर बंद रहेगा

ऑनलाइन दान में कमी के बड़े कारण
- हर भक्त ऑनलाइन दान की प्रक्रिया नहीं समझता
- ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार का अभाव
- ग्रामीण क्षेत्र और खासकर उस क्षेत्र के भक्तों के लिए जटिल प्रक्रिया
- मंदिर सीधे आने वाला तो मन से दान दे देता, अभी मंदिर बंद है तो उसका असर तो है
- ऑनलाइन दान को लेकर हर व्यक्ति की पहुंच लिंक पर नहीं


ऋषभदेव मंदिर इतिहास
उदयपुर जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंवारिका नदी के तट पर स्थित है। देवस्थान विभाग का आत्म निर्भर श्रेणी के इस मंदिर में भगवान ऋषभदेव की श्याम वर्ण की लगभग 105 से.मी. आकार की ऊंची प्रतिमा गांव में पहाडों की ओट में निर्मित मंदिर में विराजमान है। इस प्रतिमा का पूजन भक्तगण प्राचीन समय से ही केशर से करते चले आ रहे है, इसलिए इन्हें केशरियानाथ कहते है। स्थानीय प्रदेश के आदिवासी इन्हें कालाजी बावजी, केशरिया बाबा, धुलेवाधनी भी कहते है। प्रतिवर्ष होली के आठ दिन बाद चैत्र कृष्णा अष्टमी को भगवान ऋषभदेव का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है और तीन दिन मेला भी लगता है।

ऐसे दर्शन कर सकते भक्त
देवस्थान विभाग ने केसरियाजी मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। इसके तहत इस लिंक पर जाकर भक्त दर्शन कर सकते है। https://www.rishabhdeo.org/live


इनका कहना है...
हमने ऑनलाइन दर्शन व दान तो अगस्त में शुरू कर दिए थे। अभी नित्य नए-नए भक्तगण उससे जुड़ भी रहे है। इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इस समय मंदिर बंद है लेकिन भक्तगण ऑनलाइन ही लाइव दर्शन व दान कर सकते है।
- दीपिका मेघवाल, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग ऋषभदेव

Show More
Mukesh Kumar Hinger Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned