एंटी कोविड वैक्सीनेशन के लिए भुवाणा शहरी स्वास्थ्य केन्द्र को बनाया मॉडल सेंटर

- सोशियल मीडिया के लिए चिकित्सा विभाग ने बनाई फिल्म

- जल्द तय होंगे टीकाकरण केन्द्र

By: bhuvanesh pandya

Published: 03 Jan 2021, 09:52 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. अब लोगों के लिए नए वर्ष के ठीक एक दिन पहले सबसे सुखद खबर मिलने जा रही है। यह खबर कि जल्द ही उदयपुर में कोविड-19 की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू होगा। इसके लिए विभाग ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए चिकित्सा विभाग ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भुवाणा को मॉडल सेंटर बनाया है साथ ही इस सेंटर पर एक फिल्म फिल्माई गई है। इस फिल्म को सभी वैक्सीनेशन बूथ पर भेजा जाएगा, ताकि हर किसी के लिए यह आधार बने कि कैसे किसी भी व्यक्ति को टीके लगाने हैं। विभाग जल्द ही शहर से लेकर जिले में सभी चिकित्सालयों के नाम तय करेगा जहां टीकाकरण किया जाना है।

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बनाई फिल्म जो बताएंगी ऐसे होगा टीकाकरण: मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर पर चिकित्सा विभाग ने एक फिल्म बनाई है। ये फिल्म उन सभी केन्द्रों पर और सोशियल मीडिया पर चलाई जाएगी, तो हर किसी को इसकी जानकारीी देगी कि कैसे कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण होगा। ये है फिल्म में...फिल्मांकन किया गया कि भुवाणा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोविड 19 टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। यहां सभी प्रकार के कोरोना प्रोटोकॉल से किसी व्यक्ति को कैसे एंटी कोरोना वैक्सीन का टीका लगाएंगे यह दिखाया गया है। इसमें पहले उस व्यक्ति के फोन से एसएमएस को वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी जांचेगा। यदि उसके पास एसएमएस है तो उसे अन्दर जाने मिलेगा, नहीं तो वहां से उसे लौटना होगा। जिनके पास एसएमएस है, उन सभी को बारी-बारी से अंदर भेजा जाएगा। लिस्ट में से नाम जांचकर प्रवेश के बाद रजिस्ट्र्रेशन कक्ष में कोरोना प्रोटोकोल से सोशियल डिस्टेंसिंग से बिठाकर आईडी वेरिफिकेशन के लिए कोविन एप से फिर जांचा जाएगा। प्रतिक्षा कक्ष में बिठाया जाएगा, इसके बाद उसे टीकाकरण कक्ष में बुलाया जाएगा। वैक्सीनेटर और लाभार्थी में बैठने की व्यवस्था रहेगी, यहां कई अन्य उपकरण व जरूरी साधन रहेंगे। टीका लगने के बाद कोविन एप में इसे अपडेट किया जाएगा। इसके बाद मरीज को 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन कक्ष में बिठाएंगे। टीकाकरण के बादद नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में बिठाया जाएगा ताकि किसी भी परेशानी पर तत्काल उपचार हो सके।

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इन दो तरीकों से वैक्सीन जांच जारी...क्लीनिकल ट्रायल: उदयपुर को इसकी अनुमति नहीं मिली है। निर्माता कंपनियां सरकार से अनुमति लेने के बाद करती है। प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आयु वर्ग को बांटकर तय वोलेटियर्स को वैक्सीन के टीके लगाते है और फिर उसे मेडिकल आब्जरवेशन मे रखते हैं। फिलहाल केवल राजस्थान के जयपुर में ही ट्रायल किया गया है। एडवाइजरी कमेटी और वैक्सीन निर्माता क ंपनियां तय करती है कि ट्रायल कहां किया जाता है।

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ड्राय रन: यह एक प्रकार का मॉक ड्रिल है। इसमें टीके के निर्माण को छोड़कर सभी का प्रकार का परीक्षण होता है, जैसे लाभार्थी डेटा को कोविन एप पर अपलोड करना, कोल्ड चेन पाइन्ट का परीक्षण, जिला कोल्ड चेन पाइन्ट के वैक्सीन स्थल तक परिवहन परीक्षण, टीका स्थल पर भीड प्रबंधन किया जाता है। टीकाकरण के लिए अधिकतम साइट का उपयोग करते हैं, जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अरबन डिस्पेंसरी, निजी हॉस्पिटल व ग्रामीण क्षेत्रों में आउट रिच सेशन का परीक्षण करते हैं। फिलहाल चार राज्यों के आठ जिलों में ड्राइ रन चला है। इससे अभियान में उपजने वाली चुनौतियां सामने आ जाती है, बनाई गई योजना में क्या बदलाव कर इसे अंतिम योजना को मूर्त रूप दिया जा सके। अभियान से जुड़े अधिकारियों को हाथों-हाथ इसका अनुभव मिल जाता है, ताकि किसी भी प्रकार का कोई लेकुना नहीं रहता है। असम, आन्ध्रप्रदेश, गुजरात और पंजाब के 28 और 29 दिसम्बर को 8 जिलों में ये ड्राइ रन किया गया है। इसकी सूचना सेन्ट्रल एडवाइजरी कमेटी के पास जाएगी, जहां से टीकाकरण को किए जाने का अंतिम निर्णय इस रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

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bhuvanesh pandya
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