जन्म-मृत्यु का पुराना रिकॉर्ड होगा डिजिटल, सरकारी कामकाज में सुविधा मिलेगी

वर्ष 2011 से 2013 का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की कवायद, तीन माह में लगभग ढाई लाख प्रमाण पत्र होंगे कंप्यूटराइज्ड

By: Mukesh Hingar

Updated: 21 Aug 2021, 08:57 PM IST

उदयपुर. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटलाइजेशन की कवायद जिले में शुरू कर दी है। इसके तहत जिले में वर्ष 2011 से 2013 तक की अवधि में जारी हुए सभी जन्म, मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्रों को डिजिटलाइज्ड करने के लिए कार्य सौंपा गया है। तीन माह में लगभग ढाई लाख प्रमाण पत्रों को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग उदयपुर ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित पुराने रिकॉर्ड को राजस्थान सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहचान पर डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यालय में प्रवेश, राशनकार्ड में नाम दर्ज करवाने, सामाजिक सुरक्षा का लाभ, सम्पत्ति के उत्तराधिकारी, पेंशन एवं बीमा, भूमि के नामान्तरण जैसे कामों में आमजन को राहत मिलेगी। जिला परिषद सभागार में एडीएम (सिटी) अशोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की इंटर डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कवरेज में सुधार लाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण की मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से शत प्रतिशत जन्म-मृत्यु पंजीकरण लक्ष्य प्राप्त करने पर चर्चा हुई। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले की सभी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों का जन्म पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

घर बैठे कर सकते हैं आवेदन
विवाह, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब घर बैठे आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए राजस्थान सरकार ने पहचान नाम से एक मोबाइल एप शुरू किया है। इस एप के माध्यम से आवेदन की स्थिति की जानकारी, रजिस्ट्रार-उपरजिस्ट्रार, प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। परिवार में जन्म या मृत्यु का वेब पोर्टल पहचानडॉटराजडॉटएनआईसीडॉटइन पर ऑनलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं।

Mukesh Hingar
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