नरेन्द्र मोदी को लिखा खत, किया प्रदर्शन और  B. N. College के विद्यार्थियों ने दे दी उग्र आंदोलन करने की चेतावनी, आखिर क्या हुआ ऐसा, पढ़ें पूरी खबर

नरेन्द्र मोदी को लिखा खत, किया प्रदर्शन और  B. N. College के विद्यार्थियों ने दे दी उग्र आंदोलन करने की चेतावनी, आखिर क्या हुआ ऐसा, पढ़ें पूरी खबर

Bhagwati Teli | Publish: Nov, 18 2017 10:09:38 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर . बीएन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जुलूस निकाल कर फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने की मांग ही है।

उदयपुर . बीएन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जुलूस निकाल कर फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने की मांग ही है। विद्यार्थियों ने संस्थान के मुख्य गेट से सेवाश्रम तक विरोध जुलूस निकाला। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि उदयपुर के किसी भी सिनेमा हॉल में फिल्म को नहीं चलने दिया जाएगा।

 

फिल्म रिलीज हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, इसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर शिवराजसिंह देवड़ा, सूर्यवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में आदि शामिल थे।

 

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प्रधानमंत्री को पत्र
शहर जिला कांग्रेस कमेटी की अरावली कॉम्पलेक्स में हुई बैठक में भंसाली की फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अजयसिंह ने कहा कि यदि इस फिल्म पर रोक नहीं लगाई तो कांग्रेस कमेटी इसका बहिष्कार करेगी।

 

पोस्टकार्ड अभियान चलाया जाएगा। बैठक में जिला महांमत्री हरीश शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह पूर्व, पार्षद शिप्रा उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
विद्या प्रचारिणी सभा ने भंसाली की फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग की है। डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पद्मावती के फिल्म का कथानक इतिहास, आदर्श, त्याग और शौर्य पर आधारित नहीं है। भारतीय संस्कृति की आत्मा के प्रतिकूल है।

 


पुतले के साथ प्रदर्शन
सुविवि और डबोक चौराहे पर फिल्म निर्माता भंसाली के पुतले के साथ प्रदर्शन हुआ। डबोक चौराहे पर सुरेंद्रसिंह मेड़ता, विशाल सुथार, ललित सिंह राव, रतनसिंह देवड़ा, ललित पालीवाल, बबलू खटीक, सरपंच खेमसिंह देवड़ा मौजूद थे। इधर, मेवाड़ विकास मंच संस्थान की बैठक डॉ. केएस. मोगरा की अध्यक्षता में हुई। फिल्म पर विरोध जताया।

 

मुख्य संरक्षक शांतिलाल नागौरी, गणेश सहलोत विचार रखे। रणजीतलाल सरूपरिया, सुनिल बोर्दिया, केएस.नलवाया, भंवरलाल बाबेल, गणपतसिंह हिंगड़, तेजसिंह सरूपरिया, शांतिलाल नागौरी, गणेश सहलोत मौजूद थे। मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज जागृति संस्थान ने भी विरोध जताया। बैठक में अध्यक्ष किशन सोनी ने समाजजनों से फिल्म का बहिष्कार करने की अपील की। मनीष सोलिवाल, संदीप जोजावरा, त्रिलोल रूनवाल, अनिल डसानिया, अरुण माली, हरीश पालड़ीवाल, मयंक वेवार मौजूद थे।

 

महारानी पद्मिनी की सती के रूप में पूजा की जाती है। लोगों में आस्था का प्रतीक है, इतिहास के गलत चित्रण से लोगों भावनाएं आहत हो रही हैं। लोगों को भावना को ध्यान में रखते हुए इस फिल्म को प्रतिबंधित करना चाहिए। इतिहास से खिलवाड़ नहीं करें। फिल्म का ट्रेलर ही गैर परम्परागत है।
डॉ. अजातशत्रु सिंह शिवरती, इतिहासकार

 

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भंसाली की फिल्म को लेकर लोगों में आक्रोश है। फिल्म के ट्रेलर में घूमर नृत्य तक का गलत चित्रण है। मेवाड़ का इतिहास अत्यन्त गौरवपूर्ण रहा है। राजस्थान में सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर इतिहास में पवित्र परम्परा रही है। फिल्म के माध्यम से इतिहास और लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है।
डॉ. गोविंदसिंह सोलंकी, मेवाड़ राजवंश पर शोधकर्ता

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