काव्य और साहित्य में ब्यूटी और ड्यूटी दोनों है - प्रो. श्रीनिवासन्

काव्य और साहित्य में ब्यूटी और ड्यूटी दोनों है - प्रो. श्रीनिवासन्

Mukesh Hingar | Publish: Sep, 02 2018 09:08:43 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

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उदयपुर. श्रमजीवी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग में संस्कृत सप्ताह के तहत् विद्यापीठ - कला एवं साहित्य की आत्मनिर्भरता, सहअस्तित्व पर संगोष्ठी विद्यापीठ के संघटक श्रमजीवी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग में संस्कृत सप्ताह के तहत् आयोजित कला एवं साहित्य की आत्मनिर्भरता, सह अस्तित्व पर एक दिवसीय संगोष्ठी में शुक्रवार को मुख्य वक्ता प्रो. श्रीनिवासन् अय्यर ने कहा की कला एवं साहित्य का बहुत ही गहरा संबंध होता है, विभिन्न कलाओं को उदाहरण देते हुए मोर्य काल खजुराहों के चित्रों के माध्यम से उन्होंने कालिदास आदि कवियों की नायिकाओं का होना बताया। संस्कृत साहित्य के मम्मट और विश्वनाथ आदि कवियों के काव्य प्रयोजन को उदृधत किया साथ ही विभिन्न चित्रों के माध्यम से यह बताया की कला एवं साहित्य में ब्यूटी तो है साथ ही ड्यूटी अर्थात् व अनेक संदेशों को देती है। कलाओं में चित्रकला ऐसी कला है जो हर जगह काम आती है। मुख्य अतिथि करते हुए डॉ. रघुनाथ शर्मा ने कहा की साहित्य एवं संस्कृति के लिए महाकवि कालिदास का उदाहरण प्रस्तुत किया। भारतीय कलाओं में कालिदास के ग्रंथ कला एवं संस्कृति के परिचायक है। अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सुमन पामेचा ने की। साहित्यकार व गीतकार डॉ. शकुन्तला शर्मा ने गीत प्रस्तुत किया। प्रो. मलय पानेरी, ए.एम. राममोहन, नरेन्द्र गोयल, ललित शर्मा, जगदीश नारायण शर्मा, डॉ. कुसुमलता टेलर, डॉ. ममता पानेरी, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. वर्षा पारगी, डॉ. शिप्रा जोशी ने भी विचार व्यक्त किये। संचालन डॉ. अल्पना त्रिपाठी ने किया और धन्यवाद डॉ. नारायण सिंह राव ने दिया।

 

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विद्यापीठ - स्वच्छता पर कार्यशाला व सम्मान समारोह आज

राजस्थान विद्यापीठ के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटर साइन्स एण्ड आई.टी. सभागार में शनिवार को दोपहर 12 बजे स्वच्छता पर कार्यशाला एवं सम्मान समारोह आज किया जायेगा। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत करेंगे।

 

अमित शाह के कार्यक्रम के लिए बीजेपी देख रही मैदान
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उदयपुर में 18-19 सितंबर को प्रस्तावित उदयपुर दौरें को लेकर भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी है। जनजाति सम्मेलन को लेकर भाजपा ने तीन बड़े मैदान देखे है लेकिन अंतिम रूप से कौनसे मैदान में कार्यक्रम होगा यह अभी तय नहीं हुआ है।

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