PATRIKA PRE BUDGET TALK SHOW: वेट हटाकर अब तो पेट्रोल-डीजल सस्ता करो सरकार!!!

उदयपुर. राज्य सरकार 12 फरवरी को अपने इस कार्यकाल का आखिर बजट पेश करने जा रही है जिससे आमजन को इससे काफी उम्मीदें हैं।

By: Jyoti Jain

Updated: 10 Feb 2018, 04:45 PM IST

राकेश शर्मा 'राजदीप' /उदयपुर. राज्य सरकार 12 फरवरी को अपने इस कार्यकाल का आखिर बजट पेश करने जा रही है जिससे आमजन को इससे काफी उम्मीदें हैं। झीलों की नगरी को भी इस बजट से कई अपेक्षाएं हैं, इसके मद्देनजर राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार को सुंदरवास स्थित कार्यालय में प्री बजट टॉक शो का आयोजन किया गया। शहर के बुद्धिजीवियों का मानना है कि भाजपा शासित पड़ोसी राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वेट घटाकर दामों में बहुत पहले ही कमी कर दी थी, राज्य सरकार अब तो यह घोषणा करनी ही चाहिए। उदयपुर को हाईकोर्ट बैंच की बरसों पुरानी मांग पर भी मुहर लगानी चाहिए। टॉक शो में विषय विशेषज्ञों ने कई सुझाव व प्रस्ताव साझा किए, जो इस प्रकार हैं :-


ये प्रावधान भी हों बजट में

शिक्षा को सस्ता किया जाए।
पेट्रोल-डीजल से वैट कम हो
फिल्म सिटी के लिए रास्ता खुले
मार्बल उद्योग को जीवनदान दिया जाए
व्यापारियों की असुविधाओं का निस्तारण तय सीमा में किया जाए
शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए हर जिले में विश्वविद्यालय खोले जाएं।
बेरोजगारी दूर करने के लिए नौकरियां दी जाएं।
सरकारी नौकरी की प्रक्रिया को सरल किया जाए।

 

 

 

 

पेट्रोल-डीजल जीएसटी में शामिल हो

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को सस्ता ऋण और सब्सिडी देने की घोषणा जरूर करनी चाहिए। बजट में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने की घोषणा करने वाला देश का पहला राज्य का दर्जा देकर जनता को इस महंगाई से राहत दिलानी चाहिए। सरकारी सिस्टम में डबल लाइसेंस की जो व्यवस्था है, उसको खत्म करना चाहिए। शिक्षा को लेकर सरकार को संस्कार गुरुकुल योजना लानी चाहिए ताकि हमारे पुराने ऑइकन की जानकारी तो सबको मिल सके।

महावीर चपलोत, सीए

 

 

बजट में नया प्रावधान करने से पहले यह जरूर देखा जाए कि क्या उसकी उस क्षेत्र में आवश्यकता है, क्योंकि आज जहां आवश्यकता नहीं है वहां स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खोल दिए जाते हैं और बाद में सामने आता है कि वहां तो कर्मचारी और संसाधन ही नहीं है तो उस धन का उपयोग ही नहीं हो पाता है। उदयपुर एयरपोर्ट से अन्तरराष्ट्रीय उड़ानें जाएं, इसके लिए सरकार को एक प्रस्ताव लेकर केन्द्र सरकार को भेजना चाहिए।
डॉ. लाखन पोसवाल, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ

 

 

जीएसटी के बाद कर प्रस्तावों में अब ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं लेकिन पूर्व के वेट अधिनियम के तहत एमनेस्टी स्कीम लागू की जानी चाहिए ताकि पूर्व विवादास्पद प्रकरणों का निर्धारण किया जा सके। मेवाड़-वागड़ वालों को सुलभ और सस्ता न्याय मिले, इसके लिए हाईकोर्ट बैंच को लेकर सरकार को घोषणा करनी चाहिए। स्टाम्प ड्यूटी में जो बढ़ोतरी की गई है, उसे वापस लेना चाहिए।
दीपक एरन, सीए

 

 


समग्र विकास के लिए कृषि, पर्यटन, शिक्षा एवं उद्योगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। डिजिटल क्रांति को लागू कराने के लिए बस स्टैंड, चिकित्सालय आदि स्थानों पर वाई-फाई सुविधा के लिए सरकार को प्लान घोषित करना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए भी सरकार को राहत भरा कदम उठाना चाहिए। सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोकने के लिए भी कोई एजेंसी होनी चाहिए जो सभी पर निगरानी रखे। इससे राजकोषीय घाटे में काफी कमी आएगी।

 

देवेन्द्र कुमार सोमानी, सीए

 


सरकार को अभी से ही सेल्फ डिफेंस कोर्स अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए ताकि बालिकाएं सशक्त हो सकें। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बजट में विशेष कार्यक्रम घोषित करना चाहिए। कृषि विस्तार सेवाओं के लिए विशेष बजट आवंटन किया जाए कृषि अनुसंधान का लाभ किसानों तक पहुंच सके। पिछले बजट में जो नए सरकारी कॉलेज खोले गए, उनकी स्थिति कैसी है इस पर भी विचार करना चाहिए।
डॉ. शशि सांचीहर, प्रोफेसर (अर्थशास्त्र)

 

 

सरकार को अब राज्य कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग जनवरी 2016 से देने व केन्द्र के अनुरूप पे-मेट्रिक्स का निर्धारण करने की घोषणा करनी चाहिए। रोडवेज के बाद अब स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने के निर्णय पर सरकार को बजट में स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी मंशा क्या है। ऐसे निर्णय तो हर हाल में तत्काल वापस लेने चाहिए। पड़ोसी राज्यों की तरह पेट्रोल-डीजल सस्ता किया जाए।

ओमप्रकाश श्रीमाली, कर्मचारी नेता

 

 

 

बजट में पेट्रोल-डीजल पर लगे टैक्स हटाकर इसके भाव कम कर जनता को बड़ी राहत देनी चाहिए। मध्यम श्रेणी के व्यापारियों के लिए विशेष छूट घोषित की जाए। जीएसटी नंबर लेने के लिए सरकार नए सेंटरों की घोषणा बजट में करें। व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज बजट में रखना चाहिए।
राजमल जैन, व्यापारी

Jyoti Jain
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