budget 2021 - उदयपुर वालों की भी बजट से कई उम्मीदें

केन्द्र व राज्य बजट budget 2021

By: Mukesh Kumar Hinger

Updated: 30 Jan 2021, 10:19 PM IST

उदयपुर. केन्द्र व राज्य सरकार के बजट (budget 2021) को लेकर लेकसिटी के वासियों की भी कई उम्मीदें है। ज्यादातर कोरोना काल के चलते राहत का पैकेज की उम्मीद मांग रहे है। प्रस्तुत है कुछ लोगों की बजट को लेकर उनकी प्रतिक्रियाएं-

पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को राहत दें

कोरोना महामारी के कारण पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोरोना से बिगड़ी हुई पर्यटन अर्थव्यवस्था को फिर से फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा बजट में विशेष प्रावधान करने चाहिए। सरकार द्वारा मध्यम बजट होटल के लिए विद्युत फिक्स चार्ज एवं विद्युत शुल्क रेट में रियायत के लिए विशेष प्रावधान रखने चाहिए। साथ ही विभिन्न विभागों के लाइसेंस के नवीनीकरण की सीमा को 5 वर्ष बिना किसी शुल्क के आगे बढ़ाया जाए।
- राजेश अग्रवाल, होटल व्यवसायी

स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाए

केन्द्रीय बजट में रियल एस्टेट सेक्टर में केपिटल गेन टैक्स में छूट दी जानी चाहिए। स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाएगी तो इसका फायदा बाजार में दिखने को मिलेगा, साथ के साथ टैक्स के दायरे में भी छूट बढ़ाई जानी चाहिए। आम आदमी के फायदे वाले ज्यादा से ज्यादा प्रावधान रखने चाहिए ताकि कोविड की वजह से जो कुछ बाजार में प्रभावित हुए उसकी भरपाई हो सके।
- मुकेश चव्हाण, बिल्डर्स एवं डवलपर्स

नौकरियों की घोषणा करें केन्द्र व राज्य

किसानों के सिंचाई संसाधन को विकसित करने के लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए और किसानों के कर्जमाफी से जो वंचित है उनके लिए राशि का प्रावधान किया जाए। रोजगार के लिए नई नौकरियों की भी घोषणा राज्य व केन्द्र दोनों को बजट में करनी चाहिए। कोविड की वजह से जो इकाइयां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई उनकी मदद के लिए भी विशेष पैकेज घोषित करने चाहिए।
- विदेश डांगी, युवा


इधर, यूसीसीआइ ने भेजे केन्द्रीय वित्तमंत्री को सुझाव

उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (यूसीसीआइ) ने वर्ष 2021-2022 के आम बजट के लिए केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सुझाव भेजे। यूसीसीआई की फायनेन्स एवं टैक्सेशन सब कमेटी के चेयरमैन डॉ. सतीषचन्द्र जैन की अध्यक्षता में प्रतिवेदन तैयार किया। यूसीसीआई अध्यक्ष कोमल कोठारी ने वित्तमंत्री को इनपुट टैक्स क्रेडिट पर से प्रतिबन्धों को हटाने, जीएसटी में लेट रिटर्न फायलिंग पर विलम्ब शुल्क में कमी करने, स्किल डेवलपमेन्ट के लिए निवेश एवं व्यय राषि पर आयकर में छूट प्रदान करने, स्वास्थ्य बीमा की योजना पर कर राहत प्रदान करने व टैक्स का आधार बढाकर टैक्स की दर को कम किए जाने का सुझाव दिया है। साथ ही मार्बल, ग्रेनाईट एवं अन्य डाईमेन्सनल स्टोन पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने का सुझाव दिया है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वाईकल स्क्रैप पॉलिसी लागू करने तथा जीएसटी की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने का सुझाव दिया है। कोरोना महामारी के कारण वित्तीय संकट से गुजर रहे एमएसएमई सेक्टर को आयकर एवं जीएसटी के साथ ही ऋण सहायता मुहैया कराये जाने का सुझाव दिया है।

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