दरबार रहे सुने, घर-घर में बिराजी माता

चैत्र नवरात्र महोत्सव, मंदिरों में महज पारंपरिक पूजा अर्चना

उदयपुर . चैत्र नवरात्र महोत्सव का श्रीगणेश बुधवार को हुआ। हर बार की तरह माता के दरबार में भक्तों की मौजूदगी नहीं रही। दरबार सूने रहे, लेकिन माता खुद भक्तों के घर में विराजित हुई। इस बार घर-घर घट स्थापना की गई।

चैत्र नवरात्र महोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख शक्तिपीठ बेदला माता, नीमज माता, अम्बामाता, कालका माता, करणी माता, आसावरा माता आदि स्थलों पर पारंपरिक पूजा से ही नवरात्र की शुरुआत की गई। इस दौरान पुजारी और परिवार के कुछ सदस्यों की ही मौजूदगी रही। भक्तों की मौजूदगी नहीं रहने से दिनभर शक्तिपीठों पर ताले ही लगे रहे। यही स्थिति जिले के अन्य शक्ति पीठों पर भी देखी गई।
इधर, भक्तों ने घरों में ही घट स्थापना की और माता की चौकी सजाई। घरों में नवरात्र आयोजनों को लेकर बच्चों में उत्साह का माहौल रहा। नवरात्र पालन करने वाले ज्यादातर भक्तों ने व्रत-उपवास की शुरुआत की। यह क्रम आगामी 9 दिनों तक जारी रहेगा। भक्तों ने महामारी से परिवार, देश और समूची मानवजाति को बचाने की कामना की।
यहां भी पूजा

गणेशनगर पहाड़ा स्थित कालका माता मंदिर में माताजी की पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी देवेन्द्रसिंह गौड़ ने आरती की। इस दौरान सिर्फ परिवार के सदस्य मौजूद थे। देश को महामारी से मुक्त करने की प्रार्थना की गई। गौड़ ने भक्तों से घर बैठकर ही माता जी पूजा-अर्चना करने और प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग की अपील की।

Pankaj Reporting
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