PATRIKA IMPACT: बच्चों की सौदेबाजी की परतें खुली तो सामने आया घिनौना खेल, हर कदम पर हुआ रिश्तों का कत्ल, सभी की मिलीभगत आई सामने

madhulika singh

Publish: Mar, 14 2018 02:20:30 PM (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
PATRIKA IMPACT: बच्चों की सौदेबाजी की परतें खुली तो सामने आया घिनौना खेल, हर कदम पर हुआ रिश्तों का कत्ल, सभी की मिलीभगत आई सामने

उदयपुर- इसे सनसनीखेज नाटक कहें या फिर रिश्तों का कत्लखाना...। बच्चों के लिए आश्रयस्थल कहें या फिर उनकी सौदेबाजी का अड्डा।

उदयपुर- इसे सनसनीखेज नाटक कहें या फिर रिश्तों का कत्लखाना...। बच्चों के लिए आश्रयस्थल कहें या फिर उनकी सौदेबाजी का अड्डा। बच्चियों व युवतियों के लिए घर या फिर अनैतिक कार्यों में उन्हें धकलने की घिनौनी हरकत...। हिरणमगरी स्थित चाइल्ड केयर सेंटर के मामले में जैसे-जैसे परतें खुल रही है नित नए काले कारनामे निकलकर सामने आ रहे हैं। न केवल एक सेंटर बल्कि इसके तार शहर में कई इलाकों से जुड़े हैं।

 

अब तो किसी ब्यूटी पार्लर का नाम भी सामने आ रहा है तो कहीं हॉस्टल का। कुछ ऐसे चेहरों से भी नकाब हट रहा है, जिन्होंने दिखावे के लिए तो यहां कार्रवाई की, लेकिन इसके पीछे मकसद रहा, सबूत मिटाना। राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर पर जब राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा और एक नई जांच कमेटी बनी, तब जाकर यह पूरा काला चि_ा सामने आया। पत्रिका टीम ने भी तह में जाकर लोगों से बातचीत की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई है। हालांकि अब तक मिली जानकारियों की पुष्टि नहीं हुई है। पूरा सच तो पुलिस-प्रशासन की संयुक्त जांच में ही सामने आ पाएगा।

 

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पुलिस की शह से इंकार नहीं...27 फरवरी की रात भी कुछ ऐसा हुआ

उदयपुर पत्रिका. राधिका चाइल्ड केयर सेंटर में न केवल बच्चों की सौदेबाजी का खुलासा हुआ है बल्कि कई अनैतिक गतिविधियां भी सामने आई है। कई ऐसे चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने मिलीभगत के खेल में जमकर मलाई चाटी। न पुलिस बोली और ना ही कथित समाजसेवक। इन गतिविधियों में एक ऐसे दलाल का नाम भी भी है जो पूर्व में कॉर्ल गर्ल सप्लायर व नगालैंड हथियार कांड के 32 लाख रुपए की मांडवली में शामिल था।

 

यह दलाल कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर थानों मेंं दर्ज मामलों निपटारे में कुछ परिवादियों से पूर्व में दलाली कर चुका है। राधिका से भी यह दलाल सीधे सम्पर्क था, तभी 27 फरवरी की रात को वह सेंटर से दस वर्षीय बालिका के मां की सुपुदर्गी व बरामदगी के मामले में निपटारे के लिए हिरणमगरी थाने पहुंच गया। परत दर परत सेंटर के खुल रहे इन कारनामों से पूरी तरह से खुलासा हो गया कि चाइल्ड केयर सेंटर में पांच साल से बच्चों की परवरिश के नाम पर कई तरह की अनैतिक गतिविधियां चल रही थी और इसमें थाना पुलिस की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

 

अब तक अलग-अलग लोगों से लिए बयानों में थाने के कई पुलिसकर्मियों की सीधी राधिका से जान पहचान होकर उसके यहां आने-जाने की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई राजदारों ने बताया कि प्रशासनिक अमले के कई अधिकारी व कर्मचारी भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से राधिका के सम्पर्क में थे। इसी सम्पर्क का फायदा उठाकर उसने कई तरह की अनैतिक गतिविधियों को खुलेआम अंजाम दिया।

 

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यह था मामला

मुंबई के मीरा रोड पुलिस ने 4 मार्च को एक दम्पती व उदयपुर की राधिका चाइल्ड केयर की संचालिका राधिका पत्नी बंशीलाल साहू को बच्चा बेचान के मामले में गिरफ्तार किया था। मुम्बई पुलिस से इसकी पुष्टी के बाद पत्रिका टीम ने चाइल्ड केयर पर पड़ताल की तो वहां दो और मासूम मिले, जिनके बारे में वहां मौजूद लोग स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए, यह बच्चे किसके है और कहां से आए। जांच में सेंटर पर शराब की बोतलें तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। जिस पर वहां मौजूद पुरुष व युवती अलग-अलग बयान देते रहे।

 

पत्रिका ने उसी दिन परवरिश की आड़ में मासूमों की सौदेबाजी व रसोई में शराब की खाली बोतल, इधर.. दूध पीते दो मासूम, देखते ही किया दरवाजा बंद- शीर्षक से दो खबरें प्रकाशित की। उसके बाद पुलिस ने राधिका चाइल्ड केयर के खिलाफ विभिन्न धाराओं मेंं मामला दर्ज किया था। इसके बाद हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के आदेश पर मामले की प्रशासनिक कमेटी ने जांच की।

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