एमबी में बदलेगी बाल चिकित्सालय की सूरत: एनआईसीयू व पीआईसीयू में बढ़ेंगे 150 बेड

- साढ़े चार करोड़ रुपए स्वीकृत- गंभीर मरीजों को अब सीधे एनाईसीयू में प्रवेश मिल सकेगा

By: bhuvanesh pandya

Published: 04 Oct 2021, 09:22 AM IST

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के बाल चिकित्सालय की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। यहां एनआईसीयू (न्यू बोर्न व नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में 100 और पीआईसीयू (पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर यूनिट) में 50 बेड बढऩे वाले हैं। यह कार्य केवल दो माह में पूर्ण हो जाएगा। खास बात ये है कि यहां अब एक भी बेड ऐसा नहीं रहेगा जिस पर सीधे ऑक्सीजन लाइन से जुड़ा नहीं हो।

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ऐसे बढ़ेंगे बेड: - बाल चिकित्सालय में पहले से 20 बेड का एनआईसीयू है। जिसमें बढकऱ एनआईसीयू में 120 बेड हो जाएंगे, जबकि 50 बेड बढ़ते ही पीआईसीयू में 220 बेड हो जाएगे। वर्तमान में यहां 170 बेड उपलब्ध है। - हॉस्पिटल में टेंडर प्रोसेस शुरू हो चुका है। यहां वेंटीलेटर व मोनिटर एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के माध्यम से खरीदकर भेजे जाएंगे, जबकि फोटो थैरेपी, इन्फ्यूजन पम्प, रेडिएंट वार्मर, ऑल्ट्रेशन, ऑक्सीजन लाइन व पैनल, आईसीयू बैड की स्थानीय स्तर पर खरीद होगी। सभी बेड आधुनिकतम रहेंगे। इसके लिए सरकार ने साढ़े चार करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इस पर काम जल्द ही शुरू होगा जो आगामी दो माह में पूरा हो जाएगा।

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गंभीर मरीजों को नहीं रहना होगा वार्ड में -

- अब तक कई बार गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा होने से सामान्य वार्ड में भर्ती होना पड़ता है, यदि जल्द ये कार्य पूर्ण हो जाता है, तो मरीजों को इंटेसिव केयर मिल सकेगी। परेशानी नहीं होगी। एनआईसीयू न्यू बोर्न बच्चों के लिए है, जबकि पीआईसीयू बड़े बच्चों के लिए है।

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जल्द से जल्द ये बेड बढ़ाएं जा रहे है, बेड भी आधुनिकतम रहेंगे। हर बेड पर ऑक्सीजन लाइन लगाई जाएगी। गंभीर मरीजों के लिए ये जीवनदायी शुरुआत की जा रही है।

डॉ लाखन पोसवाल, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ व प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज

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