कोरोना काल में दिवाली की सफाई सेहत को ना पड़ जाए भारी

कोरोना काल में संभलकर करें साफ-सफाई, श्वसन तंत्र हो सकता है प्रभावित, अस्थमा मरीज, बुजुर्ग, बच्चों का रखें विशेष ध्यान

By: madhulika singh

Published: 16 Oct 2020, 03:57 PM IST

उदयपुर. दिवाली नजदीक आने से पूर्व सबसे पहले घर की साफ-सफाई में जुटते हैं। घरों में सालभर से जमी धूल साफ करने को लेकर पुरानी चीजों को हटाना और रंग-रोगन तक का काम त्योहार से पहले निपटाते हैं। इस साल कोरोना के कारण दिवाली की सफाई करते हुए सतर्कता बरतनी होगी। ये कारोना काल की दिवाली है और इस बार सफाई सेहत को महंगी भी पड़ सकती है।
सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नवनीत अग्रवाल के अनुसार सफाई के दौरान सबसे पहले श्वसन क्रिया प्रभावित होती है और कोरोना भी श्वसन तंत्र को ही प्रभावित कर रहा है। जब धूल को साफ करते हैं तो ये फेंफड़ों में पहुंचकर इन्फेक्शन की शुरुआत करती है। फिर यह धूल और फंगस फेफड़ों में धीरे-धीरे सेप्सिस यानी वायरस के लिए खाने-पीने और इसे बढ़ाने के लिए सामग्री बनाती है यानी कि वायरस को और बढ़ाने का काम करता है। वहीं, मौसम भी बदल रहा है। सफाई के दौरान धूल के कारण छींकें आना और इंफे क्शन से जुकाम होना स्वाभाविक है, जो कोरोना को न्योता है। ऐसे में इस साल की दिवाली में धूल के संपर्क में आने से बचें। सफाई करें, लेकिन उन चीजों की जिनका रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उनमें इतनी धूल नहीं होती है। वहीं, यदि घर में बड़े-बुजुर्ग या फिर अस्थमा या किसी अन्य बीमारी के मरीज हैं तो सफाई इस साल ना ही करें।


आरास की कीमतें बढ़ी, ग्राहकी कम

इधर, हर साल घरों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का भी काम शुरू हो जाता है। लेकिन दुकानदारों के अनुसार इस बार ग्राहकी कम है। कोरोना के कारण लोग भी सचेत हैं और इस बार घरों में सफेदी करने के लिए काम में आने वाले आरास की कीमतें भी बढ़ गई हैं। विक्रेता रविप्रकाश देरासिया ने बताया कि लॉकडाउन से ही धंधा मंदा हो गया है। दिवाली तक थोड़ी आस जरूर है। अभी आरास की कीमत बढकऱ 20 रुपए किलो हो गई है। पहले से ग्राहकी अभी कम है।

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