निशक्त बच्चों को सहयोग चाहिये, दया नहीं - प्रो. सारंगदेवोत

पांंच दिवसीय सतत् पुर्नवास शिक्षा कार्यक्रम

उदयपुर. माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी सायंकालीन महाविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज तथा भारतीय पुर्नवास परिषद्, भारत सरकार, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में पाँच दिवसीय सतत् पुर्नवास शिक्षा कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जनजाति क्षेत्रीय विकास परियोजना अधिकारी गीतेश मालवीय ने कहा क‍ि विकलांग बच्चों के लिए शहर में जागरूकता है और सुविधा भी लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में माहौल प्रतिकूल है। इन बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए अभिभावक, मीडिया एवं समाज का भी सहयोग चाहिये। यहाँ उपस्थित प्रशिक्षणार्थी अपने जीवन में अधिक से अधिक सफलता हासिल करे और दिव्यांग बच्चों की अधिक से अधिक सेवा करे। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा की निशक्त बच्चों की शिक्षा एक चुनौती है। ऐसे बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक व संस्थाएं बधाई के पात्र है। दरअसल इन बच्चों को हमारा सहयोग चाहिये, दया नहीं। सरकार की योजनाओं का भी लाभ उठाएं। इनके सर्वांगीण विकास के लिए इन्हें स्नेह के साथ-साथ सही दिशा देना भी आवश्यक है। संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा के शिवजी गौड़ ने कहा कि दक्षिणी राजस्थान में दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित है जिसका लाभ संस्थाएं सरकार के साथ मिलकर दिलाएं। अब दिव्यांग मजबूर नहीं मजबूत है। समन्वयक डॉ. सत्यभूषण नागर, डिप्टी रजिस्ट्रार रियाज हुसैन, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने भी विचार व्यक्त किये। संचालन भावना राणा ने किया। पाँच दिवसीय सतत् पुर्नवास शिक्षा कार्यक्रम में प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के कार्यकर्ता तथा डिपार्टमेंट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज के विद्यार्थी मौजूद थे।

madhulika singh Reporting
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