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बंदी वार्ड पर खींचतान: विभाग ने मांगा अपना भवन, डॉक्टर बोले- लौटाया तो गड़बड़ाएगी व्यवस्था

- अम्बामाता हॉस्पिटल में है बंदी वार्ड
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पालनहार छात्रावास है अधिग्रहित

उदयपुर

Published: November 19, 2021 08:37:53 am

उदयपुर. अम्बामाता स्थित सुन्दरसिंह भंडारी राजकीय जिला अस्पताल के उस बंदी वार्ड पर अब खींचतान शुरू हो चुकी है, जो कोरोनाकाल में खोला गया था। ये भवन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का है, जिसे अम्बामाता हॉस्पिटल ने अधिग्रहित कर रखा है। इसमें पीछे के हिस्से में बंदी वार्ड खोला गया है तो आगे यहां कोरोना की जांच और टीकाकरण हो रहा है। इसे अब सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग फिर से मांग रहा है, तो अम्बामाता हॉस्पिटल प्रशासन का कहना है कि यदि अभी भवन सौंपा तो बंदी वार्ड खोलने पर संकट आ जाएगा।
बंदी वार्ड पर खींचतान: विभाग ने मांगा अपना भवन, डॉक्टर बोले- लौटाया तो गड़बड़ाएगी व्यवस्था
बंदी वार्ड पर खींचतान: विभाग ने मांगा अपना भवन, डॉक्टर बोले- लौटाया तो गड़बड़ाएगी व्यवस्था
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हर बंदी की हो रही जांच

- यहां पर कोर्ट से हर उस बंदी को लाया जा रहा है, जिसकी कोरोना जांच की जानी है। यहां पर उन्हें रखा जा रहा है, जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है या कोई बीमार हो तो उसका उपचार किया जा रहा है।
- इस भवन में पहले बाल सुधार ग़ृह चलाया जा रहा था, ऐसे में यहां पूरी सुरक्षा भी है और बैरक बने हुए हैं, ऐसे में किसी बंदी के यहां से भागने जैसी स्थिति भी नहीं रहती। इसलिए ये भवन इन बंदियों के लिए माकूल है।
- हॉस्पिटल के ठीक सामने होने के कारण इसमें व्यवस्थाएं भी सुचारू चल रही है, वहीं यहां कोरोना जांच होने के कारण अन्य मरीजों में संक्रमण फैलने की स्थिति भी नहीं रहती। यहां करीब 10 बंदी हमेशा रहते हैं।
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विभाग ने मांगा अपना भवन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक मान्धातासिंह राणावत ने 11 नवम्बर को कलक्टर चेतन देवड़ा को पत्र लिखकर बताया कि उदयपुर में संभाग स्तरीय पालनहार आवासीय छात्रावास (हाफ वे होम) का संचालन शासन सचिव के निर्देशानुसार 2 अक्टूबर से शुरू किया जाना था, लेकिन अब इसे शुरू किए जाने के लिए भवन को अधिग्रहण से मुक्त करवाकर हॉस्पिटल अधीक्षक को इसे सुपुर्द करवाने का आग्रह किया है।
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अधीक्षक ने लिखा कलक्टर को पत्र

हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. राहुल जैन ने भी कलक्टर को पत्र लिखकर भवन खाली नहीं करवाने का आग्रह किया है। जैन ने उल्लेख किया है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में तैयारी के लिए भवन में कई कार्य किए गए हैं। इसकी अनुमति राजस्थान मेडिकेयर रिलिफ सोसायटी से ली गई थी। भवन के पीछे राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशानुसार कोविड-19 बंदी वार्ड संचालित है। इसमें कोरोना संदिग्ध बंदियों को रखा जा रहा है। यहां महिला व पुरुष बंदी वार्ड बनाया गया है। 30 बेड पर तो ऑक्सीजन के लिए पाइप लाइन डाली गई है। यहां अक्टूबर में 170 बंदी भर्ती किए गए थे। भवन के भूतल पर फिजियोथैरेपी व आयुर्वेदिक चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में ये भवन कोरोना को देखते हुए विभिन्न कार्यों में लिया जा रहा है।
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भवन कोरोना को देखते हुए कई कार्यों में लिया जा रहा है, अभी यदि ये खाली होता है तो कई प्रकार की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी। कलक्टर से आग्रह किया है कि इसे खाली नहीं करवाया जाए।
डॉ. राहुल जैन, अधीक्षक, अम्बामाता हॉस्पिटल
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भवन में फिलहाल कोई गतिविधि नहीं चल रही। ऐसे में अब मुख्यमंत्री बजट घोषणा को लेकर जो हाफ वे होम शुरू करना चाह रहे हैं। हमने इसके लिए यूआईटी से जमीन मांगी थी, लेकिन इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में अब हमें इसकी जरूरत है, यदि कोरोना को लेकर तीसरी लहर वाली स्थिति बनने पर हम तत्काल फिर से इसे मुहैया करवाएंगे।
मान्धातासिंह राणावत, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग

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