कोरोना का नया स्ट्रेन बना पहेली, उदयपुर में अब तक जांच नहीं, आरएनटी लैब को अपडेट की जरूरत

- उदयपुर में पहुंचेंगे किट: इसके बाद हो सकेगी जांच

- केन्द्र सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी
- फिलहाल प्रदेश में नए रूप की जांच कहीं नहीं

By: bhuvanesh pandya

Published: 24 Dec 2020, 08:45 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्टे्रन (रूप) से दुनियाभर में हड़कंप मचा है। खास बात ये है कि यदि इस रूप का कोई संक्रमित हमारे बीच है तो हमें पता ही नहीं चलेगा कि वह इससे संक्रमित है क्योंकि इस वेरिएंट को पता करने की क्षमता आरएनटी मेडिकल कॉलेज की लैब में अभी नहीं है। यहां तक की पूरे प्रदेश में इसकी जांच की सुविधा फिलहाल शुरू ही नहीं हो पाई है। हमारी लैब ये पता करने में अभी सक्षम नहीं है कि इस नए स्ट्रेन से कौन कौन संक्रमित हैं और कौन नहीं। हमारी लैब के लिए ये पहेली ही है, इसलिए अब लैब को अपडेट करने की जरूरत है।
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चल रही है सिक्वेंसिंग
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) दिल्ली में फिलहाल सिक्वेंसिंग का कार्य कर रहा है। यहां ये पता लगाया जा रहा है कि ये जो वायरस का स्वरूप बदला है उसमें कैसे जिंस है। यानी उसे स्कैन किया जा रहा है। ये पता लगाया जा रहा है कि कोविड-19 में क्या बदलाव आया है। पुणे में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब में संभवतया इसकी जांच की शुरुआत की जाएगी।

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केन्द्र ने ये जारी किए निर्देश

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में महामारी विज्ञान निगरानी के तहत सामने आया है कि कोरोना का नया वेरिएंट सार्स- कोव टू वायरस (खोज प्रक्रिया जारी) की जानकारी ब्रिटेन सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी है। यूरोपियन सेंटर फ ॉर डिजीज कंट्रोल यानी इसीडीसी के अनुसार इस नए वेरिएंट पर अनुमान है कि ये ज्यादा संक्रमण फैलाने की क्षमता वाला है। साथ ही ये युवा आबादी को तुलनात्मक ज्यादा प्रभावित कर सकता है। इस प्रकार 17 बदलावों से इसे परिभाषित किया गया है। इनमें में से एक सबसे महत्वपूर्ण स्पाइक प्रोटीन में एक एन 501 वाय उत्परिवर्तन है, जो वायरस को बांधने के लिए उपयोग करता है। ये अधिक संक्रामक और लोगों के बीच अधिक आसानी से फैलने वाला बताया गया है।
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अब ये सर्विलेंस
- सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री, जिन्होंने पिछले 4 सप्ताह में ब्रिटेन में 25 नवंबर से 23 दिसंबर, 2020 तक यात्रा की हो इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए केन्द्र ने सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि ऐसे यात्रियों की सूची तैयार कर तत्काल जांच हो।

- ऐसे यात्रियों को तत्काल आइसोलेशन में रखा जाए।
- जरूरत पडऩे पर इनके नमूने जल्द से जल्द एनआईवी लैब पुणे भेजे जाए।

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अभी हमारी लैब में इस नए वेरिएंट की जांच संभव नहीं है। आईसीएमआर इसकी जांच कर रहा। वहां से हमारे पास ऐसे किट भेजे जाएंगे, जो हमारे यहां आरटी पीसीआर मशीन में लगाए जाएंगे। इससे जांच में सामने आ जाएगा कि क्या वाकई इस वेरिएंट का कोई संक्रमित है या नहीं।

डॉ. अंशु शर्मा, प्रभारी, माइक्राबायॉलोजी लैब आरएनटी मेडिकल कॉलेज,उदयपुर

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