कोरोना पर भारी रहा कैंसर का खतरा, लॉकडाउन में 1210 मरीज हुए भर्ती, ढाई हजार की हुई जांच

- एमबी हॉस्पिटल में कैंसर के मरीज पहुंचते रहे लॉकडाउन में भी उपचार के लिए

- अधिकांश ओपीडी-आईपीडी में जहां गिने चुने मरीज पहुंचे लेकिन कैंसर में खूब रही संख्या

By: bhuvanesh pandya

Published: 30 Jun 2020, 09:04 AM IST

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. कोविड-19 के संक्रमण के डर से अधिकांश ओपीडी और आईपीडी में केवल गिने चुने मरीज पहुंचे थे, वही कैंसर के उपचार द्वार पर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते रहे तो उनका उपचार भी समय पर होता रहा, कोरोना के संक्रमण के डर से ना तो लॉक डाउन में कैंसर विभाग बंद हुआ और ना ही कैंसर के उपचार के लिए आने वाले मरीज ही कम हुए। लॉकडाउन के समय की बात की जाए तो यहां इस कोरोना काल में 1210 मरीज भर्ती हुए।

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23 मार्च से 23 मई तक की स्थिति 23 मार्च से 23 मई तक कोरोना का संक्रमण तेजी से ऊपर की ओर उठा था, कई चिकित्सक व नर्सेज भी इस कोरोना का शिकार हुए। इस दौरान कैंसर वार्ड और कैंसर ओपीडी में मरीजों की आवाजाही पहले की ही तरह बनी रही, ये बात दीगर है कि स्टाफ जरूर कम हो गया था, लेकिन इसका असर मरीजों के उपचार पर नहीं पडऩे दिया गया।

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- ये थी स्टाफ की स्थिति- अधिकांश स्टाफकर्मी को एसएसबी ब्लॉक में कोरोना के मरीजों के लिए भेजा गया था। दो स्टाफ को क्वारंटीन में भी भेजा गया था। चिकित्सक- 2नर्सेज- 6रेडियोग्राफर-2

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ऐसे किया मरीजों का उपचार - कैंसर वार्ड में भर्ती हुए मरीज- 1210- केमोथैरेपी- 809- ओपरेशन थियेटर प्रोसिजर ब्रेके थैरेपी- 95- रेडिएशन थैरेपी-104- ओपीडी -2633

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जरूरतमंदों के लिए हॉस्पिटल हमेशा उपलब्ध है, सेवाओं को किसी भी स्थिति में बीच में रोका नहीं जा सकता। कैंसर के मरीजों को तो हर समय उपचार मिलना ही चाहिए। लॉकडाउन में भी नियमित ओपीडी चला तो हजारों की संख्या में मरीजों को इसका फायदा मिला।

डॉ नरेन्द्र राठौड़, कैंसर रोग विशेषज्ञ एमबी हॉस्पिटल उदयपुर

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