कोरोना इफेक्‍ट : इस बार बड़ी मूर्तियों के बजाय छोटी गणेश मूर्तियां ज्यादा बनाने में जुटे मूर्तिकार

- - कोरोना महामारी का त्योहारों पर भी दिखेगा असर, घरों में ही गणपति स्थापना हो इसलिए छोटी मूर्तियां

By: madhulika singh

Published: 20 Jul 2020, 02:58 PM IST

उदयपुर. अगले माह राखी से लेकर गणेशोत्सव, जन्माष्टमी आदि कई त्योहार हैं। लेकिन, कोरोना महामारी का साया अब इन त्योहारों पर भी पड़ता नजर आने लगा है। जो धूम पिछले साल तक दिखती थी, वो इस साल कोरोना के कारण कम ही देखने को मिलेगी। अब तक जितने भी तीज-त्योहार आए हैं, उन्हें भी लोगों ने घरों में रहकर ही मनाया है तो अब आने वाले दिनों में गणेशोत्सव भी धूमधाम से मने इसकी उम्मीद कम ही है। वहीं, मूर्तिकार भी सब कुछ ध्यान में रखते हुए अभी बड़ी मूर्तियों के बजाय छोटी ही बना रहे हैं ताकि घरों में ही लोग इनकी स्थापना कर सके और त्योहार मनाएं। वहीं, आयोजनों की बात करें तो संगठनों ने इसे सांकेतिक रूप से ही करने का निर्णय लिया है।


कोरोना के कारण सक्रियता हुई कम

लगभग एक माह पहले ही हर साल शहर के मूर्तिकार गणेश प्रतिमाएं बनाने में जुट जाते हैं और इसके बाद नवरात्र के लिए दुर्गा मां की मूर्तियां बनाने लगते हैं। लेकिन इस बार मूर्तिकार भी अब तक अधिक सक्रिय नहीं हुए हैं। कृषि मंडी क्षेत्र के सामने और रेलवे स्टेशन के सामने कच्ची बस्तियों में कई मूर्तिकार मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। मूर्तिकार हीरालाल और कमलाबाई ने बताया कि वे हर साल अब तक मूर्तियां बना लेते हैं और बड़ी मूर्तियों के भी ऑर्डर मिलने लगते हैं। लेकिन महामारी के कारण अब तक केवल छोटी मूर्तियां ही बना रहे हैं। लोग घरों में तो स्थापना करेंगे ही इसलिए दो से ढाई फीट तक छोटी मूर्तियां बना रहे हैं।

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पांडालों में बड़ी मूर्तियां होती है आकर्षण
प्रति वर्ष गणेशोत्सव में हर गली-मोहल्लों व समाज की ओर से पांडाल सजाए जाते हैं, जिसमें बड़ी-बड़ी मूर्तियां आकर्षण का केंद्र होती है। उनका शृंगार होता है और 10 दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना और भोग-प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मूर्तिकार उदीबाई और गौरव बावरी बताते हैं कि बड़ी मूर्तियां बनाने में और उनका रंग-रोगन करने में समय लगता है इसलिए ऑर्डर पहले लिए जाते हैं। ये बड़ी मूर्तियां करीब 10 से 15 फीट तक की होती है और ऑर्डर पर इससे बड़ी मूर्ति भी बनती है। वहीं, गणेशोत्सव आयोजन करने वाले कई धार्मिक संस्थान इस बार सांकेतिक रूप से ही मनाएंगे। उदियापोल पर तोपवाले राजा को हर साल विराजित किया जाता है और कार्यक्रम किए जाते हैं। गणेश महोत्सव समिति के मनोज शास्त्री ने बताया कि इस बार गणपति की मूर्ति विराजित की जाएगी लेकिन कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। हर दिन पूजा-अर्चना कुछ लोग ही करेंगे। वहीं, कई संगठन बाद में स्थिति को देखते हुए व प्रशासन की गाइडलाइंस के अनुसार निर्णय लेंगे।

Corona virus Covid-19 in india
madhulika singh Reporting
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