video : हाइकोर्ट बैंच को लेकर आमरण अनशन कर रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की गई मेडिकल जांच, डॉक्टर्स ने कही ये बात

हाईकोर्ट बेंच को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की ओर से किए जा रहे आमरण अनशन को 24 घंटे से अधिक का समय हो गया है

प्रमोद सोनी / उदयपुर . हाईकोर्ट बेंच को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की ओर से किए जा रहे आमरण अनशन को 24 घंटे से अधिक का समय हो गया है लेकिन राज्य सरकार और प्रदेश के मुखिया वसुंधरा राजे की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं आया है। हालांकि समय-समय पर आमरण अनशन करने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत और रोशन लाल सामोता की मेडिकल जांच जरूर की जा रही है। एमबी हॉस्पिटल के ज्यूरिस्ट विभाग की ओर से शांतिलाल चपलोत और रोशन लाल सामोता की मेडिकल जांच की गई। इस दौरान दोनों स्वस्थ पाए गए लेकिन जिस मांग के लिए दोनों की ओर से आमरण अनशन किया जा रहा है वह मांग 36 साल पुरानी है। इतना होने के बाद भी राज्य सरकार इसको हल्के में ले रही है। आमरण अनशन के दूसरे दिन शांतिलाल चपलोत और रोशन लाल सामोता को समर्थन देने के लिए कई राजनीतिक पार्टियों के नेता और सामाजिक संगठन के लोग पहुंचे।

 

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आमरण अनशन स्थल पर कई सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने इस बात का ऐलान किया कि आमरण अनशन करने वाले शांतिलाल चपलोत के स्वास्थ्य के साथ कुछ अनर्थ होता है तो राज्य सरकार इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहें। यह मांग केवल अधिवक्ताओं की नहीं बल्कि पूरे आदिवासी अंचल की है इसलिए यहां पर दिन प्रतिदिन लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। मेडिकल जांच के बाद शांतिलाल चपलोत ने यह भरोसा दिलाया कि जब तक इस मांग के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक सरकार की ओर से कोई वार्ता नहीं हुई है केवल जिला प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत अनशन स्थल पर पहुंचे थे और इस मांग को सरकार तक पुरजोर तरीके से पहुंचाने के लिए आश्वासन जरूर दिया था लेकिन शांतिलाल चपलोत का कहना है कि इस बार आश्वासन से काम नहीं चलेगा सरकार को इसके लिए ठोस कार्रवाई करनी होगी वहीं दूसरी ओर चपलोत के साथ आमरण अनशन कर रहे रोशन लाल सामोता ने भी कहां की राज्य सरकार पिछले कई सालों से टालमटोल करती आई है लेकिन अब मेवाड़ और वागड़ के लोग इस मांग को लेकर जागरूक हो चुके हैं और जब तक सरकार की ओर से इस मांग को पूरा नहीं किया जाता तब तक यह आमरण अनशन जारी रहेगा।

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