1 जुलाई को देवशयनी एकादशी, 5 महीने बाद होंगे मांगलिक आयोजन

नवमी तिथि होने से इस दिन गुप्त नवरात्र का समापन भी होता है और 2 दिन बाद देवशयनी एकादशी पर भगवान आमतौर पर सो जाते हैं

By: madhulika singh

Updated: 29 Jun 2020, 03:22 PM IST

उदयपुर. आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी भड़ली या भड़ल्या नवमी इस बार 29 जून को है। भड़ली नवमी को विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। ये अक्षय तृतीया जैसा ही मुहूर्त है। नवमी तिथि होने से इस दिन गुप्त नवरात्र का समापन भी होता है और 2 दिन बाद देवशयनी एकादशी पर भगवान आमतौर पर सो जाते हैं। शहर में भी इस दौरान कई शादियां संपन्न कराई जा रही हैं।


अगले 5 महीनों तक नहीं हो पाएंगे शुभ कार्य

ज्योतिषाचार्य पं. जितेंद्र त्रिवेदी के अनुसार, भड़ल्या नवमी के के बाद 30 जून को भी विवाह का मुहूर्त है। 29 की रात्रि में गुरु अपनी स्व राशि धनु में पुन: प्रवेश कर लेंगे। दो दिन बाद 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। देवशयनी एकादशी से देवों के शयन की परंपरा है। ऐसे में जब तक देव सोए रहेंगे तब तक विवाह, सगाई, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे अन्य शुभ कार्य नहीं किए जा सकते। ऐसे में लोग अब कोई भी शुभ कार्य 5 महीने बाद ही कर पाएंगे।

25 नवंबर को देवउठनी एकादशी

पं. त्रिवेदी के अनुसार देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास का आरम्भ भी होगा, जिसमें भगवान की उपासना, व्रत, जप, पूजन, दानादि कार्यों का महत्व बढ़ जाता है। इस बार आश्विन अधिक मास के चलते चातुर्मास 4 की जगह 5 माह का होगा। देव उठनी एकादशी पर चातुर्मास समाप्त होगा। देवउठनी एकादशी 25 नवंबर को है तो इस दिन से ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। इस साल नवंबर में 26 और 27 तारीख को ही मुहूर्त रहेंगे, जबकि दिसंबर में केवल 1 से 11 तक सात दिन ही मुहूर्त रहेंगे।

madhulika singh Reporting
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