कलक्टर की फटकार से दस वर्ष बाद अस्पताल में फिर गूंजी किलकारियां

सराड़ा उपखण्ड के जावद सेक्टर के उप स्वास्थ्य केन्द्र, अजबरा पर एएनएम नीरू आमेटा व आशा मुन्नादेवी ने गत तीन दिन में दो सुरक्षित प्रसव करवाए

अदवास . जिला कलक्टर की फटकार के बाद गांवों के उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर 10 वर्ष से पसरे सन्नाटे तोड़ते हुए अब नवजातों की किलकारियां गूंजने लगी हैं। सराड़ा उपखण्ड के जावद सेक्टर के उप स्वास्थ्य केन्द्र, अजबरा पर एएनएम नीरू आमेटा व आशा मुन्नादेवी ने गत तीन दिन में दो सुरक्षित प्रसव करवाए। उल्लेखनीय है कि 11 अक्टूबर को जिला कलक्टर आनन्दी ने सराड़ा उपखण्ड क्षेत्र के दौरे पर स्वास्थ्य विभाग की ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने विभाग के कामकाज की लचर प्रणाली व लगातार कम होते संस्थागत प्रसव के आंकड़ों को लेकर अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने एएनएम को प्रतिमाह स्वास्थ्य केन्द्र पर अनिवार्य रूप से एक प्रसव करवा कर विभाग को मासिक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा था। वर्ष 2008 में राज्य सरकार ने उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव करवाने की व्यवस्था शुरू की थी। एक-दो वर्ष सबकुछ ठीक ठाक चला, बाद में विभाग की ओर से समय पर साधन-सुविधा उपलब्ध नहीं करवाने एवं प्रभावी निरीक्षण के अभाव में इन केन्द्रों पर प्रसव होने बंद हो गए थे। प्रसव के लिए प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर निर्भर होना पड़ा जिससे उन पर दबाव बढ़ गया।

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