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ईष्र्या आत्मा के आनंद को नष्ट कर निकालती है दीवाला

धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में जुटा समाज
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udaipur

ईष्र्या आत्मा के आनंद को नष्ट कर निकालती है दीवाला

उदयपुर. ईष्र्या आत्मा के भीतर के आनंद को नष्ट करके व्यक्ति के सुख समृद्धि और शांति का दीवाला निकाल देती है। राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सुंदरवास जैन स्थानक भवन में धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि जिससे हम ईष्र्या करते हैं। उसका कदाचित नुकसान हो या ना हो लेकिन ईष्र्या की आग में मनुष्य के अपने सद्गुण जलकर नष्ट हो जाते हैं। मुनि कमलेश से कहा कि ईष्र्या क्रोध से अनंत गुना खतरनाक है। क्रोध कुछ समय तक रहता है। ईष्र्या के कीटाणु 24 घंटे साथ रहकर धर्म को भी चट कर जाते हैं। ईष्र्यालु का वरदान भी अभिशाप में बदल जाता है। इससे पहले कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया। घनश्याम मुनिजी ने विचार व्यक्त किए। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच महिला शाखा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगीता चीप, पुष्पा बाबेल प्रतिनिधिमंडल के साथ मुनि की सेवा में आए।

अमरनाथ यात्रा दल का कूच
विप्र फाउण्डेशन प्रदेश अध्यक्ष केके शर्मा, महामंत्री लक्ष्मीकांत जोशी के तत्वावधान में ३६ सदस्यीय दल ने मंगलवार सुबह बोहरागणेश मंदिर से अमरनाथ यात्रा के लिए कूच किया। बीएल कुमार, सुधीर पोद्दार, कैलाश जैन, रामगोपाल शर्मा, रोशन नागदा एवं अन्य ने दल का स्वागत कर रवानगी की।

सर्व ब्राह्यण समाज के मिशन की शुरुआत
सर्व ब्राह्मण समाज की मंगलवार को पुरोहितों की मादड़ी में हुई बैठक में भगवान परशुराम को याद करते हुए अपने अधिकारों की पैरवी के लिए ब्राह्मण समाज को जागना होगा मिशन की शुरुआत की गई। एसी ग्रुप मंडल प्रवक्ता आदित्य चौबीसा ने सबका साथ, सबका विकास उद्देश्य की तर्ज पर प्रतिष्ठित समाजजनों से समाज के कमजोर तबके की सहायता को लेकर आगे आने की बात कही। नरेश कुमार शर्मा, यशवंत चौबीसा, प्रिंस चौबीसा, जयेश शर्मा, पवन शर्मा, कुलदीप जोशी, मनीष सनाढ्य, पुलकित भट्ट एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।