VIDEO चिकित्सक हड़ताल का चौथा दिन: 5 दिन में इतने मरीजों की हुई मौत, हर तरफ हालात बेकाबू

VIDEO चिकित्सक हड़ताल का चौथा दिन: 5 दिन में इतने मरीजों की हुई मौत, हर तरफ हालात बेकाबू

Sushil Kumar Singh Chauhan | Updated: 22 Dec 2017, 12:20:55 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर. हड़ताल के चौथे दिन जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं का ढर्रा चरमराया रहा।

उदयपुर . हड़ताल के चौथे दिन जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं का ढर्रा चरमराया रहा। परामर्श के लिए मरीजों को चुनिंदा चिकित्सकों का चेहरा देखना पड़ा तो गरीबी में उपचार को मोहताज मरीजों को राजकीय संस्थानों में दर्द से कराहना पड़ा। चिकित्सालयों में मरीजों के दम तोडऩे का सिलसिला यथावत रहा। वहीं उधार के चिकित्सक तय स्थलों पर जिम्मेदारी को लेकर बेपरवाह दिखाई दिए तो आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित चिकित्सा संस्थानों में प्रतिदिन 12 और ऑन कॉल 24 घंटे के लिए नियुक्त चिकित्सकों के ‘हांफने’ जैसे मिल रहे समाचारों ने प्रशासनिक ओहदेदारों को आगामी दिनों में और बिगडऩे वाली व्यवस्थाओं के लिए चिंतित किए रखा।

 

दूसरी ओर राज विकास की 6वीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य शासन सचिव सहित सरकार की मौजूदगी के बावजूद चिकित्सकों की हड़ताल जैसे ज्वलंत विषय पर एकबारगी भी मंथन नहीं हुआ। सरकार की ओर से पहल में हो रही देरी और लागू रेस्मा कानून के भय से चिकित्सक अंडर ग्राउंड ही रहे।

 

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12 घंटे ड्यूटी, ऑन कॉल 24 घंटे

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित एमबी और जनाना अस्पताल में चिकित्सक शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। अध्यापन कार्य लगभग ठप सा हो गया है, जबकि विशेष रोगों से जुड़े चिकित्सक शिक्षकों की ऑन कॉल ड्यूटी निर्धारित की गई है। मामले को लेकर परेशानी बताते हुए चिकित्सकों ने प्राचार्य को बहुत जल्द स्थिति खराब होने का अंदेशा जताया। समस्या के सामने आने के बाद प्राचार्य डॉ. डीपीसिंह ने एकबारगी खुद की जिम्मेदारी को लेकर चिकित्सकों को बूस्ट तो किया, लेकिन आगामी दिनों में गड़बड़ाने वाली व्यवस्थाओं को लेकर चिंतित भी दिखे।


उम्मीदों पर फिरा पानी
जिला प्रशासन की नकेलबंदी के बावजूद उदयपुर में संचालित निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से राजकीय संस्थानों में व्यवस्था माकूल बनाए रखने के लिए चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो रहे। पेसिफिक उमरड़ा से 9 और गीतांजली मेडिकल कॉलेज की ओर से 10 चिकित्सक प्रशासन को मुहैया कराए गए हैं, जबकि अन्य निजी मेडिकल कॉलेज के स्तर पर प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल रहा। इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सरकार को भी सूचित किया है।

 

इमरजेंसी में रही भीड़
हड़ताल से मरीज भी राजकीय चिकित्सालयों में आने से कतराते रहे। आउटडोर समय के बाद आपात इकाई में मरीजों की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। बॉर्डर होमगार्ड के जवानों से भी भीड़ नियंत्रित नहीं हुई। बीमारी से परेशान एक रोगी ने परामर्श में हो रही देरी के बीच चिकित्सक पर ही उल्टी कर दी। कई गंभीर मरीज आपात इकाई में भीड़ को देखकर एंबुलेंस से उतरे ही नहीं। गंभीर मरीज केवल आपात इकाई में भर्ती किए जा रहे हैं।

 

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आज निजी चिकित्सक करेंगे एक घंटे कार्य बहिष्कार
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिस्दा) के पांचवें दिन की हड़ताल में निजी चिकित्सक संगठनों ने भी सहयोग की ठानी है। शुक्रवार से घोषणा के तहत निजी संस्थान भी अरिस्दा के समर्थन में सुबह 9 से 10 बजे के बीच कार्य बहिष्कार करेंगे। इससे निजी क्षेत्रों में भी मरीजों की हालत बिगडऩे से इनकार नहीं किया जा सकता। उदयपुर में आईएमए और एमपीएस संगठन के ओहदेदार डॉ. सुनील चुघ, डॉ. राजेंद्र शर्मा एवं डॉ. आनंद गुप्ता ने इसकी घोषणा की।


5 दिन में 39 ने दम तोड़ा तारीख मौतें
17 दिसम्बर 11
18 दिसम्बर 06
9 दिसम्बर 09
20 दिसम्बर 05
21 दिसम्बर 08
(एमबी अस्पताल के आंकड़े)

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