DOCTORS STRIKE: हड़ताली डॉक्टर बढ़े, गिरफ्तारी से बचने की मशक्कत, सरकार की बेरुखी से परेशान हो रहा आमजन, video

उदयपुर . अब तक चिकित्सा विभाग को सेवाएं दे रहे करीब 109 चिकित्सक बिना सूचना के एकाएक गायब हो गए।

By: jyoti Jain

Published: 23 Dec 2017, 11:47 AM IST

उदयपुर . सरकार पर वादा खिलाफी करने का आरोप जड़ते हुए दूसरी बार हड़ताल पर उतरे अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिस्दा) के समर्थन में बाकी चिकित्सकों ने बगावती तेवर दिखाए है। अब तक चिकित्सा विभाग को सेवाएं दे रहे करीब 109 चिकित्सक बिना सूचना के एकाएक गायब हो गए। इसमें संभाग के बांसवाड़ा जिले के चिकित्सकों की संख्या अधिक है। इसी तरह आरएनटी मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे 3 सीनियर रेजिडेंट भी अरिस्दा के समर्थन में हड़ताल के साथ हो गए।

 

सरकार की ओर से वार्ता को लेकर उदासीनता से मरीजों का राजकीय चिकित्सा संस्थानों में बुरा हाल है। गंभीर रोगियों और घायलों को छोड़ कर एमबी हॉस्पिटल और पन्नाधाय महिला चिकित्सालय में मरीजों की उपेक्षा की गई। जनाना चिकित्सालय में तो सुबह के समय ओपीडी में चिकित्सकों के गायब होने से गर्भवती महिलाओं को घंटों तक परेशान होना पड़ा। चिकित्साकर्मी राजकीय संस्थानों में आने वाले रोगियों को निजी चिकित्सालयों में जाने की सलाह देते दिखाई दिए।

 


खेतों की शरण में डॉक्टर
इधर, सेवारत चिकित्सक और रेजिडेंट डॉक्टर्स रेस्मा के भय से पुलिस से बचते रहे। कुछ चिकित्सकों ने तो खेतों और जंगलों की खाक छानी। रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. राजवीर चौधरी सहित अन्य चिकित्सक इन स्थानों से वीडियो भी जारी किया।

 

कराहती रही गर्भवती महिलाएं
पन्नाधाय चिकित्सालय में ओपीडी देख रहे आरएनटी मेडिकल कॉलेज के कुछ प्रोफसर्स की उदासीनता सुबह 9 से 10.30 बजे के बीच चिकित्सकीय परामर्श के लिए आई गभवर्ती महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई। ओपीडी में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दर्द से कराहती कुछ महिलाओं को बुरा हाल था। सूचना के बावजूद ओपीडी में नियुक्त चिकित्सक की बेरुखी बनी रही।

 

महिला चिकित्सक को बताए कायदे
चिकित्सालय में साफ-सफाई के निरीक्षण पर गए प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने एमबी हॉस्पिटल की आपात इकाई में बैठी महिला चिकित्सक को मोबाइल चलाते हुए देख कायदे सिखाए। यह कहकर फटकार लगाई कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का खेल खेलना उचित नहीं है। उन्होंने ऐसे ही निर्देश नर्सिंग कार्मिकों को भी दिए।

 

आईसीयू मेडिसिन में अधीक्षक
मरीज के परिजनों ने शाम करीब 5 बजे उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आईसीयू मेडिसिन वार्ड में विवाद हो गया। प्राचार्य की सूचना के बाद अधीक्षक डॉ. विनय जोशी वार्ड में पहुंचे और चिकित्सा कार्मिकों को सही से उपचार व्यवस्था में जुटने के लिए पाबंद किया। इसके बाद जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली और विवाद बढऩे से रुक गया।

 

मान लो जायज मांगें
सरकार को चिकित्सकों की जायज मांगों को मान लेना चाहिए। हमारी लड़ाई केवल सरकार की वादाखिलाफी को लेकर है। चिकित्सकों को सरकार से पहल की उम्मीद है।
डॉ. राजवीरसिंह, अध्यक्ष, उदयपुर रेजिडेंट यूनियन

 

काम का बोझ
प्रोफेसर्स और अन्य स्टाफ के सहयोग से चिकित्सा व्यवस्थाएं यथावत रखने के प्रयास हो रहे हैं। कई दिनों से 12 और 24 घंटे सेवाएं दे रहे चिकित्सक का उत्साह टूटता दिख रहा है। हम उनसे बुरे समय में बेहतर सहयोग की अपील कर रहे हैं।
डॉ. डी.पी.सिंह, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज

 

सहयोग की अपील
हड़ताल के दौरान दूरदराज के इलाकों में निजी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और आयुष चिकित्सकों की सेवाएं ली जा रही है। निजी मेडिकल कॉलेज से मुसीबत के समय में सहयोग की अपील की गई है।
डॉ. संजीव टाक, सीएमएचओ, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

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