आजादी के 70 वर्ष बाद भी नहीं बदले हालात, पीने के पानी को तरस रहे लोग

आजादी के 70 वर्ष बाद भी नहीं बदले हालात, पीने के पानी को तरस रहे लोग

Surendra Singh Rao | Publish: Jul, 14 2019 02:27:11 AM (IST) | Updated: Jul, 14 2019 12:08:30 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

आजादी के 70 वर्ष बाद आज भी अनेक गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सरकारें आती है वो सिर्फ विकास की बातें और वादे करती है लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और है। गांवों में आज भी लोग पेयजल drinking water crisis को तरस रहे हैं। कमोबेश ऐसी ही स्थिति फलासिया पंचायत समिति के भैसाणा ग्राम पंचायत मुख्यालय के सरपोटा फले की है ।

उदयपुर. फलासिया. आजादी के 70 वर्ष बाद आज भी अनेक गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सरकारें आती है वो सिर्फ विकास की बातें और वादे करती है लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और है। गांवों में आज भी लोग पेयजल Drinking water crisis को तरस रहे हैं। कमोबेश ऐसी ही स्थिति फलासिया phalasiya पंचायत समिति के भैसाणा ग्राम पंचायत मुख्यालय के सरपोटा फले की है ।


भैसाणा ग्राम पंचायत में कुल 6 गांव हैं। जहां की औसत जनसंख्या 5500 के करीब है। पेयजल का मुख्य स्रोत हैण्डपम्प व कुएं ही है। इन 6 गांवों में करीब 22 में से 10 हैण्डपम्प सूखे पड़े हैं, वही 5 हैण्डपम्प खराब पड़े हैं। ग्राम पंचायत की ओर से आजादी के बाद से आज तक इस ग्राम पंचायत में एक भी सार्वजनिक कुआं नहीं खुदवाया गया। कुछ ग्रामीणों ने निजी तौर पर कुएं खुदवाए है पर सभी में पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं है। कुछ कुओं व हैण्डपम्प में पीने योग्य पानी है भी तो वो गांव के कई ग्रामीणों की पहुंच से बाहर है।

नाले में गड्डा खोदकर पानी पीने को विवश
भैसाणा ग्राम पंचायत मुख्यालय के सरपोटा फले में लगभग 25 परिवार के 70 से ज्यादा लोग बरसात के बाद सूखे पड़े नाले में पानी आने से नाले के पास ही गड्डा खोदकर पेयजल का उपयोग कर रहे हैं। बारिश के दौरान नाले में गंदा पानी आने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती है। इस समस्या का हल आज तक न तो जलदाय विभाग व न ही स्थानीय ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि निकाल पाए ।

विभाग सोया कुंभकर्णी नींद में
फलासिया पंचायत समिति के अन्तर्गत 123 राजस्व गांव है। फलासिया मुख्यालय सहित कई गांवों में जल संकट के चलते पत्रिका में खबरें प्रकाशित की। इसके बावजूद जलदाय विभाग व जनप्रतिनिधियों ने समस्या समाधान की ओर न तो कोई ध्यान दिया और न ही भविष्य के लिए कोई योजना बनाई।

इनका कहना है
कुछ हैण्डपम्प व कुएं सूख गए है। पेयजल की जहां ज्यादा समस्या है वहां इस साल हैण्डपम्प खुदवाए हैं। सरपोटा फले में भी हैण्डपम्प है पर पानी में जंग आने से इस फले के ग्रामीण नाले से पानी पीते होंगे। - लालू राम गरासिया, सरपंच, भैसाणा

पेयजल समस्या की जानकारी मिली है। ग्राम पंचायत के पास बजट रहता है वो वहां हैण्डपम्प खुदवा सकती है। बारिश आने के बाद हमने सभी जगह टैंकर सुविधा बन्द कर दी है। - सुबोध शर्मा, सहायक अभियंता, झाड़ोल

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