इस योजना में मिल रही बिजली बिल में सब्सिडी, लाभ लेने के​ लिए यह है पात्रता....

- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना

By: Sikander Veer Pareek

Updated: 19 Jan 2019, 12:46 PM IST

उदयपुर . केन्द्र सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना (डीबीटी) इसके नियमों के फेर में उलझ कर रह गई है। योजना को शुरू हुए करीब दो माह बीत चुके हैं, लेकिन किसानों के खाते नहीं जुडऩे से सब्सिडी की राशि सभी किसानों के खाते में नहीं जा पा रही। ऐसे में अब भी पुराने तरीके से किसानों को छूट का लाभ दिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व राज्य सरकार ने किसानों की सब्सिडी को डीबीटी योजना से जोडऩे की घोषणा की थी। इसके तहत ब्लॉक ऑवर वाले किसानों को सरकार की ओर से छूट का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में ही देना था। जिले के करीब 40 हजार किसानों के खातों को उनके विद्युत कनेक्शन से जोडऩा था लेकिन खातों को विद्युत कनेक्शन से नहीं जोड़ पाने से किसानों को डीबीटी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ये हैं पात्र
छूट का लाभ लेने के लिए किसान को कनेक्शन संबंधी पूरा पुराना बकाया जमा करवाना होगा। कनेक्शन जिसके नाम पर है, उसके खाते में ही छूट की राशि जमा होगी। योजना का लाभ ब्लॉक ऑवर वाले किसानों को ही मिलेगा। प्रत्येक किसान को एक वर्ष में 10 हजार से अधिक राशि की छूट नहीं मिलेगी।

दादा की मृत्यु अब क्या हो
कई किसानों के कुएं सामलाती (साझा) है। कुओं पर एक ही कनेक्शन वर्षों से चल रहा है। इसी कनेक्शन से आसपास के खेतों में रिश्तेदार और भाई सिंचाई का काम करते आ रहे हैं। नई योजना से समस्या यह खड़ी हो गई है कि कनेक्शन किसके नाम से लिया जाए। किसी भी एक व्यक्ति के नाम से कनेक्शन लिया जाता है तो भविष्य में वह कुएं पर अपना अधिकार जमा सकता है।

यह समस्या भी आ रही
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बैंक अकाउंट खुलवाना होगा। कई किसानों के बैंक अकाउंट ही नहीं है। साथ ही कागज और मौखिक बंटवारे की स्थिति में जमीन का स्वत्वाधिकार भी स्पष्ट करना होगा। ऐसे में कई किसान परेशान हो रहे हैं। वे अपने बाप-दादाओं के समय के दस्तावेज जुटा रहे हैं।

यह है स्थिति
जनवरी तक जिले में 41325 कृषि कनेक्शन है जिनमें से 23551 लोगों को ही योजना से जोड़ा जा सका है। शेष किसानों को अब भी पुराने तरीके से ही सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसमें बिल में सीधे ही सब्सिडी की राशि का उल्लेख किया जा रहा है।

 

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यह बोले भूमिपुत्र


नॉन टीएसपी में नहीं मिल रहा कनेक्शन
किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष नारायणसिंह चदाणा ने बताया कि सामलाती कुओं पर एक कनेक्शन पर कुछ रिश्तेदार सिंचाई करते हैं। लेकिन नए नियमों के अनुसार कोई एक किसान ही पुराने कनेक्शन का लाभ ले पाएगा। ऐसे में सभी किसानों को नया कनेक्शन लेना होगा। इधर नॉन टीएसपी क्षेत्र में 6 वर्ष से कनेक्शन पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में नए कनेक्शनों के लिए अगले छह से सात वर्ष और इंतजार भारी पड़ेगा।


दस्तावेजों के लिए हो रही परेशानी
जाखड़ों की भागल निवासी उदयसिंह राजपूत ने बताया कि डीबीटी का लाभ लेने के लिए कृषकों को दस्तावेज संबंधित काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। किसी के आधार कार्ड में गड़बडिय़ां है तो किसी को भामाशाह के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

खाते लिंक करवाना भारी काम
वाटी निवासी बसंतीलाल पालीवाल ने बताया कि अधिकतर किसान पढ़े-लिखे नहीं है। कई किसानों के खाते ही नहीं है। ऐसे में किसानों को बैंक खाते खुलवाने के साथ ही इन्हें आधार, भामाशाह आदि से लिंक करवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक साथ जमा करवाने में परेशानी
रामा गांव के नारूलाल डांगी ने बताया कि किसानों को डीबीटी के तहत सब्सिडी मिलना शुरू हो जाती है तो उन्हें एक साथ पूरा बिल जमा करवाना होगा। आम दिनों में तो ठीक है, लेकिन सिंचाई के दिनों में बिल भी अधिक आता है और किसान की जेब भी खाली होती है। ऐसे में किसान बिल जमा करवाने की राशि का इंतजाम कैसे करेगा।

सब्सिडी का ब्योरा
माह कृषि कनेक्शन राशि
नवंबर 12258 49.29
दिसंबर 11293 107.17
कुल 23551 156.46

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