दुबई के एक करोड़ से बना अस्पताल, सरकार ने दिखाया ठेंगा

अस्पताल क्रमोन्नयन के 6 साल बाद भी हालात जस के तस

By: Pankaj

Published: 05 Sep 2019, 01:03 AM IST

मेनार . सरकार की ओर से नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क जांच समेत कई तरह की चिकित्सा योजनाएं संचालित है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर स्थिति दयनीय है। बरसात के साथ ही जल जनित मौसमी बीमारियों के प्रकोप से हर कोई आहत है, वहीं सरकारी तौर पर चिकित्सा सुविधाओं का भारी अभाव है। इसी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने हर गांव-कस्बे तक पहुंचकर पड़ताल शुरू की है। मेनार सीएचसी की रिपोर्ट-
हाइवे से 500 मीटर दूरी पर मेनार मुख्य मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। इसका भवन भामाशाह की ओर से 1 करोड़ की लागत से बना। मगनमल जेठाचंद पंचोलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्राथमिक से सामुदायिक में क्रमोन्नत हुए 6 साल से हो गए, लेकिन सुविधाओं में इजाफा नहीं हुआ। यहां मिलने वाली सुविधाएं अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी ही है।
अस्पताल में चिकित्सकों की कमी तो है ही, वहीं नर्सिंग स्टाफ और रोग विशेषज्ञ का अभाव है। रोजाना 150 से अधिक मरीज आते हैं। माह में 15 से 20 प्रसव होते हैं। यहां विशेषज्ञ चिकित्सक और 24 घंटे सुविधा की आवश्यकता है।
हॉस्पिटल भवन का निर्माण दुबई निवासी भामाशाह मगनमल जेठाचन्द पंचोलिया ने 1 करोड़ रुपए की लागत से करवाया था। कंप्यूटर कक्ष, लेबर रूम सहित भवन की सुविधाएं पर्याप्त है, लेकिन उपकरण और स्टाफ संबंधी सुविधाएं काफी कम है।
भामाशाह की बदौलत बने चिकित्सालय में अब सरकारी सुविधाओं की कमी है। हाइवे से नजदीक होने की वजह से दुर्घटना के मामले अधिक आते हैं, लेकिन इलाज नहीं मिल पाता है। एक्स-रे मशीन की सख्त आवश्यकता है। स्टाफ की कमी से मरीज परेशान हैं। रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की भी नियुक्ति नहीं हुई।
विजयलाल दावोत, ग्रामीण, मेनार
सीएचसी केंद्र के तहत 7 सब सेंटर है। मेनार चिकित्सालय में स्टाफ की कमी है। इसके लिए हमने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा रखा है। एक्सरे मशीन की मांग पहले ही की गई है। सरकार से सुविधा नहीं मिली है। सुविधा बढ़े तो उदयपुर पहुंचने वाले रोगियों को यहीं सुविधा मिल सकती है।
डॉ. अर्चना डोडियाल, चिकित्साधिकारी, सीएचसी मेनार

केंद्र का नाम - मगनमल जेठाचन्द पंचोलिया सीएचसी मेनार
स्थापना - पीएचसी से सीएचसी क्रमोन्नयन 2013
कर्मचारियों की स्थित - स्वीकृत 6 में से 3 डॉक्टर
पेरीफेरी के गांव- खेड़ली, मोगजी का खेड़ा, सुंदरपुरा, डोडियो का खेड़ा, डाबरियों का खेड़ा, गाडरियावास, लालपुरा, शक्तावतों का खेड़ा, आयलों की भागल, मांडा मगरा, कियाखेड़ा, रामाखेड़ा, हरियाखेड़ी, आरामपुरा।
केंद्र से दूरस्थ गांव की दूरी- 25 किलोमीटर
प्रतिदिन रोगियों की संख्या - 150 से अधिक

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