फर्जी ऋण स्वीकृत कर बैंक को ऐसे पहुंचाई 7.50 लाख की हानि! एसीबी ने दर्ज किया मामला...

चार जनों के विरुद्ध एसीबी राजसमंद ने मामला दर्ज किया

By: madhulika singh

Updated: 08 Mar 2019, 12:14 PM IST

उदयपुर. फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत कर भूमि विकास बैंक को 7.50 लाख रुपए की हानि पहुंचाने वाले आमेट शाखा प्रबंधक सहित चार जनों के विरुद्ध एसीबी राजसमंद ने मामला दर्ज किया। सीआई दामोदर सिंह ने बताया कि गोपालपुरा, आमेट निवासी दिलीप सिंह पुत्र बिशन सिंह राजपूत व सरदारगढ़ निवासी हसन पुत्र इस्तिहाक खां ने 25 अक्टूबर 2012 को राजसमंद जिला सहकारी भूमि विकास बैंक से टेंट व्यवसाय के लिए ऋण का आवेदन किया था। आमेट के शाखा प्रबंधक रामेश्वर प्रसाद ने कोटेशन को प्रमाणित किया तो राजसमंद जिला सहकारी भूमि विकास बैंक ने 31 अक्टूबर 2012 को टेंट हाउस एवं मशीनरी सामान क्रय करने से ऋण स्वीकृत कर दिया। ऋण स्वीकृत होने पर दोनों ने उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया उसे भी शाखा प्रबंधक ने प्रमाणित किया। ऋण के फर्जी होने की शिकायत मिलने पर ब्यूरो टीम ने सत्यापन किया तो पाया ऋण स्वीकृत करवाने के लिए दिलीपसिंह व हसन खां ने जिस मैसर्स विनायक इंटरप्राइजेज मेन रोड केलवा का कोटेशन दिया, वह फर्म ही फर्जी पाई गई। कर विभाग से जानकारी दी तो टिन नम्बर व फर्म भी फर्जी होने की पुष्टि हुई। जो फर्म अस्तित्व में नहीं उसके नाम से फर्जी बिल बनाकर ऋण भी उठाना पाया गया। जांच में सामने आया कि राज्यवास निवासी नंदलाल पुत्र खेमा भील व कांकरोली निवासी राजूलाल खटीक ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी फर्म का गठन किया और बैंक में खाता खुलवाया।

 

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इस प्रकार शाखा प्रबंधक झालाना डूंगरी मालवीय नगर जयपुर निवासी रामेश्वर पुत्र गोपीलाल रेगर, जलचक्की राजसमंद निवासी राजकुमार पुत्र शंकरलाल खटीक, राज्यावास राजसमंद निवासी नंदलाल पुत्र खेमा भील व गोपालपुरा सरदारगढ़ निवासी दिलीपसिंह पुत्र बिशनसिंह राजपूत ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी ऋण स्वीकृत कर 7.50 लाख का भूमि विकास बैंक को हानि पहुंचाई। ब्यूरो ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।

 

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