कोरोना : फेक न्यूज का करें फैक्ट चैक, अफवाहों को रोकें

मैसेज 1 - शराब पीने वाले लोगों पर कोरोना वायरस का असर नहीं होता है या आपको ये चीजें कोरोना से बचा लेंगी। इस तरह की खबरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं, लेकिन इस तरह का कोई सर्कुलर या सलाह भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय या विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से नहीं दी गई।

मैसेज 2 - कोरोना वायरस की वजह से अप्रेल मध्य में देश में आपातकाल की घोषणा हो सकती है, सोशल मीडिया पर वायरल एक मैसेज में यह दावा किया जा रहा है, जबकि सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि यह मैसेज पूरी तरह फर्जी है। मैसेज 3

By: madhulika singh

Updated: 04 Apr 2020, 03:21 PM IST

उदयपुर. कोरोना वायरस इस समय दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है, लेकिन उससे भी तेजी से फैल रही है कोरोना से संबंधित फेक न्यूज और अफवाहें। आज हर व्यक्ति कोरोना के बारे में जानना चाहता है, उससे बचने के तरीके जानना चाहता है, लेकिन सोशल मीडिया पर कोरोना से जुड़ी हर खबर और सूचना सही नहीं है। इसे फै लने से बचाया जाना चाहिए। आप खुद भी इससे जुड़ी फेक न्यूज, सूचनाओं और अफवाहों को फैलने से रोक सकते हैं। बस, आपको इन बातों का ख्याल रखने की जरूरत है-

पहले रुकें और सोचें
आमतौर पर सोशल मीडिया में जैसे ही हमारे पास कोई मैसेज आता है, हम उसे तुरंत शेयर और फॉरवर्ड करने लगते हैं। इस समय जिम्मेदारी सभी की है कि जब भी सोशल मीडिया पर कोरोना से संबंधित कोई खबर या जरूरी सलाह के नाम पर मैसेज आए तो उसे तुरंत शेयर नहीं करें। थोड़ा रुकें और सोचें कि क्या यह खबर सच है या क्या यह आगे बढ़ाना जरूरी है। ऐसा करने से बहुत सी फेक न्यूज और अफवाहें वायरल होने से बच सकती हैं।

अपने सोर्स को देखें
आप कोई भी मैसेज, वीडियो या खबर आगे शेयर करने से पहले देख लें कि इस तरह का मैसेज आपके पास कहां से आया है। किसी रिश्तेदार ने फॉरवर्ड किया है या दोस्त ने या फिर किसी ग्रुप में फॉरवर्ड होकर आया है। ऐसे में आपको सावधान होना होगा। इस तरह के कुछ मामले पकड़े भी गए हैं। विश्वसनीय सूत्रों पर ही भरोसा करे, जैसे एनएचएस, विश्व स्वास्थ्य संगठन, सीडीसी की जानकारियों पर ही भरोसा करें। इनकी ऑफिशियल वेबसाइट्स देखें।

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हर तथ्य को जांचें

मेरा एक दोस्त चीन में रहता है। उसने मुझे यह जानकरी भेजी है, तो सावधान हो जाएं। इस तरह के वीडियो और वॉइस मैसेज वाट्स एप पर बहुत शेयर हो रहे हैं। ऐसे में एक बात के सच होने के कारण हम बाकी पर भी यकीन करने लगते हैं। इस तरह के संदेशों के हर तथ्य की जांच करें। कई बार बड़े अधिकारियों, वेबसाइटों, न्यूज चैनल्स तक के नकली अकाउंट बनाकर असली की तरह पेश किए जाते हैं। कैपिटल लैटर्स, स्पेलिंग मिस्टेक, असंगत फोंट्स वाली भाषा ये संकेत देती है कि ये पोस्ट गलत या भ्रामक जानकारी देने वाली हो सकती है।

कोई भी मैसेज बिना सोचे शेयर ना करें
कोई भी ऐसा मैसेज वीडियो या जानकारी शेयर न करें, जो आपको सही नहीं लगता है। भले ही उसके सही होने की संभावना हो तो भी। हम ऐसी पोस्ट शेयर कर देते हैं जिसमें हम जानते हैं उसमें डॉक्टर्स या अन्य विशेषज्ञ हैं तब ठीक है, लेकिन अपने संदेहों के बारे में पहले सुनिश्चित कर लें और यह भी ध्यान रखें कि लोग मशहूर विशेषज्ञों की तस्वीर लगाकर भी गलत जानकारी फैला सकते हैं। साथ ही यह भी याद रखें कि आप जो जानकारी आगे दे रहे हैं उस पोस्ट में से उन विशेषज्ञों की तस्वीर हटाई भी जा सकती है।


कहीं भावनाएं भडक़ाने के लिए तो नहीं

आजकल कई ऐसे मैसेज वायरल हो रहे हैं जो धार्मिक भावनाएं भडक़ा सकते हैं। ऐसे में इन पोस्ट पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आपके पास कोई ऐसी पोस्ट या मैसेज आता है तो आप उसे वहीं डिलीट कर दें और जिसने फॉरवर्ड की है उसे भी कहीं और शेयर करने से रोक दें। अन्यथा ये मैसेजेज लोगों की भावनाएं भडक़ा कर कुछ भी करा सकते हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोरोना से संबंधित किसी भी तरह के झूठी सूचनाएं, फेक मैसेजेज और अफवाहें फैलाने से रोकें। जिम्मेदार बन कर घर पर खुद भी सुरक्षित रहें और समाज व देश को भी सुरक्षित रखें।

madhulika singh Reporting
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